दिल्ली-बिहार समेत सात राज्यों को सुप्रीम कोर्ट ने उन छात्रों को रिहा करने का आदेश दिया है, जिन्हें पुलिस ने नीट पेपर लीक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सरकारों से कहा है कि इन छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान कहा कि सभी CCTV, ड्रोन, बॉडी कैमरा फुटेज और वायरलेस कम्युनिकेशन के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए। प्रदर्शनकारियों का डिजिटल डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे और फिलहाल इसे सार्वजनिक न किया जाए।
18 साल के कम उम्र के छात्रों को तत्काल रिहा करें
विरोध प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न की जाए और न ही उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक या जबरन कार्रवाई की जाए। इसके अलावा 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जिन्हें छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया है और जिनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें सभी राज्य तत्काल रिहा करें।
सात राज्यों को नोटिस
NEET प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, यूपी और केरल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने सभी संबंधित CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
