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MNREGA Wage Hike: लोकसभा चुनावों से पहले गरीबों को तोहफा, मनरेगा मजदूरी में हुआ इजाफा, जानें कहां कितनी बढ़ी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 28, 2024, 11:39 AM IST

MNREGA Wage Rate Hike: लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसी बीच मोदी सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) श्रमिकों के लिए बड़ा ऐलान कर दिया है। सरकार ने मजदूरी रेट में 3 से 10 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान कर दिया है।

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मनरेगा वेज में हुई बढ़ोतरी

Photo : BCCL

MNREGA Wage Rate Hike: लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने गरीबों को तोहफा दिया। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए मनरेगा (MGNREGA) श्रमिकों की मजदूरी रेट में 3 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी चालू वित्त वर्ष के लिए घोषित बढ़ोतरी के समान है। नई मजदूरी रेट 1 अप्रैल 2024 से लागू होंगी। प्रतिशत वृद्धि के बात करें तो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मजदूरी दरों में 2023-24 की तुलना में 2024-25 में सबसे कम 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि गोवा में 10.6 प्रतिशत की उच्चतम वृद्धि हुई। सूत्रों ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चुनाव आयोग से मजदूरी रेट को अधिसूचित करने की अनुमति मांगी है क्योंकि आम चुनावों के लिए देश भर में आदर्श आचार संहिता लागू है। इसने मंजूरी प्राप्त करने के बाद वेतन को अधिसूचित किया क्योंकि संशोधन एक नियमित प्रक्रिया है।

मनरेगा मजदूरी में 24 मार्च 2023 हुआ था आखिरी संशोधन

मनरेगा मजदूरी में आखिरी संशोधन 24 मार्च 2023 को अधिसूचित किया गया था। उस समय विभिन्न राज्यों के लिए मजदूरी में वृद्धि 2 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक थी। कर्नाटक, गोवा, मेघालय और मणिपुर उन राज्यों में से थे, जहां मजदूरी में सबसे कम प्रतिशत वृद्धि की गई।

राजस्थान में हुई थी सर्वाधिक वृद्धि

राजस्थान में मनरेगा मजदूरी में सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि की गई थी। राजस्थान के लिए संशोधित रेट 2022 में 231 रुपए के मुकाबले 255 रुपए थी। मजदूरी में प्रतिशत वृद्धि के मामले में बिहार और झारखंड दूसरे स्थान पर रहे, 2022 की तुलना में रेट में करीब आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 2022 में इन दोनों राज्यों में एक मनरेगा श्रमिक की मजदूरी 210 रुपए थी, 2023 में जिसे बढ़ाकर 228 रुपए कर दिया गया।

जीवन यापन की लागत के हिसाब से मजदूरी कम

इस साल की शुरुआत में संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट में ग्रामीण विकास और पंचायती राज पर संसदीय स्थायी समिति ने राज्यों में मनरेगा मजदूरी में भिन्नता की उच्च सीमा की ओर इशारा किया था और यह भी कहा था कि जीवन यापन की लागत के हिसाब से मजदूरी अपर्याप्त थी और बढ़ती के अनुरूप नहीं थी।

मनरेगा के तहत 375 रुपए होनी चाहिए न्यूनमत मजदूरी

पैनल ने न्यूनतम मजदूरी पर केंद्र सरकार की कमिटी (अनूप सत्पथी कमिटी) की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसने सिफारिश की थी कि मनरेगा के तहत मजदूरी 375 रुपए प्रति दिन होनी चाहिए।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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