हर महीने एक तय रकम जमा कर धीरे-धीरे फंड तैयार करने वालों के लिए आरडी (Recurring Deposit) एक लोकप्रिय विकल्प है। इसमें हर महीने समय पर किस्त जमा की जाती है। लेकिन सवाल यही कि अगर किसी महीने आपकी RD की किस्त जमा नहीं हो पाती है, तो क्या होगा। क्या खाता तुरंत बंद हो जाएगा? इतना ही नहीं, सवाल यह भी कि अगर लगातार किस्तें (RD Installment) मिस हो रही हों तो क्या होगा? आइए जानते हैं आरडी की किस्त मिस होने पर क्या होता है-
एक किस्त छूटने पर क्या होगा?
अगर किसी महीने RD की किस्त समय पर जमा नहीं होती है, तो बैंक आमतौर पर उस पर पेनल्टी लगाता है। सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक हर 100 रुपये की मासिक किस्त पर लगभग 1.50 रुपये प्रति महीने की देरी के हिसाब से चार्ज ले सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपकी मासिक RD किस्त 10,000 रुपये है और आप एक महीने की किस्त जमा नहीं करते हैं, तो करीब 150 रुपये का जुर्माना लग सकता है। बकाया किस्त और पेनल्टी जमा करने के बाद RD को दोबारा नियमित किया जा सकता है। हालांकि, पेनल्टी वसूलने का तरीका बैंक की शर्तों के अनुसार अलग हो सकता है।
RD कब हो सकती है बंद
बैंक आमतौर पर पहली किस्त छूट जाने के बाद RD बंद नहीं करते। खाताधारक को बकाया किस्तें भरकर अकाउंट नियमित करने का समय दिया जाता है। कई मामलों में करीब 5 से 6 लगातार महीनों तक छूटी किस्तों को नियमित करने का मौका मिल सकता है। लेकिन यह अवधि बैंक और RD स्कीम के नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए किस्त छूटने पर अपने बैंक से तुरंत नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।
लगातार किस्तें मिस हो तो क्या होगा
अगर कई महीनों तक RD की किस्त जमा नहीं की जाती है, तो खाता अनियमित हो सकता है। करीब छह लगातार महीनों तक भुगतान न होने की स्थिति में बैंक RD को समय से पहले बंद कर सकता है। ऐसी स्थिति में आपकी नियमित बचत योजना प्रभावित होती है और तय मैच्योरिटी तक रकम जमा करने का मौका भी खत्म हो सकता है।
इसके अलावा, समय से पहले बंद होने पर ब्याज की गणना बैंक के लागू नियमों के अनुसार की जा सकती है और प्रीमैच्योर क्लोजर से जुड़ा चार्ज भी लग सकता है। ऐसे में मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम आपकी शुरुआती उम्मीद से कम हो सकती है।
आरडी की किस्त छूट जाए तो क्या करें
अगर RD की कोई किस्त छूट गई है, तो घबराने के बजाय जल्द से जल्द बकाया रकम और लागू पेनल्टी जमा कर देना बेहतर है। इससे खाते को नियमित रखने और तय लक्ष्य के अनुसार बचत जारी रखने में मदद मिल सकती है। आरडी की किस्त छूट जाने पर बैंक से संपर्क कर नियमों की जानकारी ली जा सकती है।
