बिजनेस

MF : एयरोस्पेस और रक्षा कंपनियों से कमाई का नया तरीका, आ गया देश का पहला डिफेंस फंड

एचडीएफसी एएमसी ने एचडीएफसी डिफेंस फंड लॉन्च करने की जानकारी दी, जो कि एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम होगी। एचडीएफसी डिफेंस फंड का न्यू फंड ऑफर 19 मई को खुलेगा और 2 जून को बंद होगा।

Image

एचडीएफसी डिफेंस फंड एनएफओ

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • एचडीएफसी डिफेंस फंड लॉन्च
  • एयरोस्पेस और रक्षा कंपनियों से होगी कमाई
  • 19 मई को खुलेगा एनएफओ

HDFC Defence Fund NFO : एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनियों से कमाई करने का नया तरीका आ गया है। दरअसल देश का पहला डिफेंस फंड (Defence Fund) लॉन्च हो गया है। एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (HDFC Asset Management Company Ltd) ने रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) पर फोकस करने वाला देश का पहला म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) लॉन्च करने का ऐलान किया है। इससे निवेशकों को डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ कैपेसिटी में पार्टिसिपेट करने का मौका मिलेगा और निवेशक इस सेक्टर से कमाई कर सकेंगे।

खुलने जा रहा एनएफओ (NFO)

एचडीएफसी एएमसी ने एचडीएफसी डिफेंस फंड (HDFC Defence Fund) लॉन्च करने की जानकारी दी, जो कि एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम होगी। एचडीएफसी डिफेंस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 19 मई को खुलेगा और 2 जून को बंद होगा।

इस फंड की सबसे खास बात यह होगी कि इसकी नेट एसेट्स का 80 फीसदी डिफेंस और इससे जुड़े सेक्टरों में लगाया जाएगा। डिफेंस और इससे जुड़ी कंपनियों में एयरोस्पेस, एक्सप्लोसिव्स, शिपबिल्डिंग और इनसे संबंधित सर्विसेज वाली कंपनियां हैं।

कई दशकों तक कमाई की संभावना

एचडीएफसी एएमसी के फंड मैनेजर अभिषेक पोद्दार ने एचडीएफसी डिफेंस फंड की लॉन्चिंग पर कहा कि ग्लोबल लेवल पर डिफेंस क्षमता में वृद्धि होना तय है क्योंकि देश अपनी डिफेंस क्षमताओं को बढ़ाते हैं। स्ट्रॉन्ग आरएंडडी (Research and Development) पर फोकस और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज में ग्रोथ के सहारे डिफेंस में आत्मनिर्भरता से भारतीय कंपनियों के लिए घरेलू बाजार में अच्छे मौके हैं। साथ ही उनके लिए एक्सपोर्ट के भी मौके हैं। इससे एक मल्टी-डिकेड इंवेस्मेटंट अपॉर्च्युनिटी मिलेगी।

क्वालिटी मैनेजमेंट वाली कंपनियों पर फोकस

एसेट मैनेजमेंट फर्म ने कहा कि डिफेंस फंड उन कंपनियों में निवेश करेगा, जिनके पास अच्छे क्वालिटी मैनेजमेंट के अलावा बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड हो। इस फंड का उद्देश्य मल्टी-कैप स्ट्रेटेजी को फॉलो करके डायवर्सिफिरेशन हासिल करना है। फंड का फोकस लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करके उचित वैल्युएशंस पर ग्रोथ और क्वालिटी पर होगा।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक म्यूचुअल फंड एनएफओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article