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Mega Drone Deal : ₹20,000 करोड़ की ड्रोन डील! देसी कंपनियों की लग सकती है लॉटरी

डिफेंस सेक्टर में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। ड्रोन इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के मुताबिक सरकार स्वदेशी ड्रोन के लिए अब तक की सबसे बड़ी 20 हजार करोड़ की ड्रोन डील कर सकती है।

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बड़ी डिफेंस डील की तैयारी

ega Drone Deal : भारत सरकार की तरफ से इस साल करीब 20 हजार करोड़ रुपये यानी 200 करोड़ डॉलर की ड्रोन डील को मंजूरी मिल सकती है। बड़ी बात ड्रोन डील नहीं है। बल्कि, यह कि डील किसी विदेशी कंपनी के साथ नहीं होगी। भारत की ड्रोन इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के मुताबिक सरकार इस साल घरेलू इंडस्ट्री को 20 हजार करोड़ रुपये के ड्रोन ऑर्डर दे सकती है।

ड्रोन फेडरेशन इंडिया (DFI) के अध्यक्ष स्मित शाह के मुताबिक दशकों से भारत में मिलिट्री खरीद टैंक, बंदूकें, एयरक्राफ्ट और जहाजों के आस-पास केंद्रित रही है। लेकिन, अब लड़ाई का मैदान बदल रहा है। सरकार इन बदलावों के लिहाज से भारतीय रक्षा बलों को तैयार करने में जुटी है। शाह के मुताबिक सरकार की तरफ से 20,000 करोड़ रुपये से ज्याद की ड्रोन खरीद के संकेत मिले हैं। इससे पता चलता है कि ड्रोन सिस्टम अब मिलिट्री प्लानिंग के किनारे से केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं।

सबसे बड़ी ड्रोन डील

ड्रोन इंडस्ट्री अनुमान के मुताबिक सरकार इस साल घरेलू कंपनियों से 2 अरब डॉलर (करीब ₹20,000 करोड़) से ज्यादा के सैन्य ड्रोन खरीद सकती है। अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ा, तो यह देश के इतिहास की सबसे बड़ी ड्रोन डील होगी। यह Military Drone Order घरेलू रक्षा उद्योग के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।

Drone Federation of India (DFI) के अध्यक्ष स्मित शाह के मुताबिक यह डील काफी अंतिम चरण में पहुंचने वाली है। डील के फाइनल होने के बाद इन ड्रोन की डिलीवरी अगले 18 से 24 महीनों के भीतर पूरी की जा सकती है। माना जा रहा है कि यह डील सेना की तत्काल जरूरतों को देखते हुए फास्ट-ट्रैक प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के तहत की जा सकती है।

क्यों बढ़ी ड्रोन की जरूरत?

रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-ईरान युद्ध में दुनिया ने देखा कि ड्रोन किसी भी संघर्ष में पासा पलटने का दम रखते हैं। सैन्य रणनीतिकार भी अब

कम लागत वाले ड्रोन को युद्ध का रुख बदलने की क्षमता वाले हथियारे के तौर पर स्वीकार रहे हैं। यहां तक कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुई झड़प के दौरान भी बड़े पैमाने पर ड्रोन और UAV का इस्तेमाल देखने को मिला। इन्हीं अनुभवों के आधार पर अब भारतीय रक्षा बल निगरानी, जासूसी और हमले की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में ड्रोन खरीद रहे हैं।

किन ड्रोन की हो सकती है खरीद?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 20 हजार करोड़ के सौदे में छोटे निगरानी ड्रोन के साथ ही कई तरह के एडवांस्ड ड्रोन हो सकते हैं। टैक्टिकल बैटलफील्ड ड्रोन, लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले UAV, लॉइटरिंग म्यूनिशन, प्रिसिजन स्ट्राइक ड्रोन और अन्य मानव रहित सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल होने की संभावना है। रक्षा मंत्रालय ने मार्च 2026 में करीब ₹2.38 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। यह ड्रोन डील असल मे इसी प्रस्ताव का हिस्सा है।

देसी कंपनियों के लिए बड़ा मौका?

देश में फिलहाल 600 से ज्यादा कंपनियां ड्रोन इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। इनमें 100 से ज्यादा कंपनियां डिफेंस सेक्टर के लिए काम कर रही हैं। अडानी और टाटा जैसी बड़ी कंपनियों के साथ ही इस तरह के ऑर्डर से पूरी इंडस्ट्री को बूस्ट मिलता है।

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Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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