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कौन हैं मिलेट मैन, जिनकी पहल से मोदी अब लाना चाहते हैं क्रांति

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 23, 2023, 04:07 PM IST

Millet man: मिलेट यानी मोटा अनाज, जिसमें बाजरा, रागी, जुआर, कांगनी आदि मोटे अनाज शामिल होते हैं। मोटे अनाज पूरी दुनिया में पैदा किए जाते हैं। इनकी खासियत यह है कि यह न केवल आसानी से उपलब्ध हैं, बल्कि यह खाने में भी पौष्टिक है।

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मिलेट मैन का 18 मार्च को हुआ निधन

Millet man : एक तरफ जब संयुक्त राष्ट्र संघ साल 2023 को मिलेट ईयर के रुप में मना रहा है। और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोटे अनाज के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं। उसी वक्त एक ऐसी खबर आई, जो बेहद दुखद है। बीते हफ्ते भारत के मिलेट मैन पी.वी.सतीश का निधन हो गया । सतीश को देश में मिलेट्स (मोटा अनाज) को बढ़ावा देने वाले अग्रणी लोगों में से एक माना जाता है।

क्या है मिलेट मिशन

मिलेट यानी मोटा अनाज, जिसमें बाजरा, रागी, जुआर, कांगनी आदि मोटे अनाज शामिल होते हैं। मोटे अनाज पूरी दुनिया में पैदा किए जाते हैं। इनकी खासियत यह है कि यह न केवल आसानी से उपलब्ध हैं, बल्कि यह खाने में भी पौष्टिक है। जिसमें फाइबर,मिनरल और जरुरी पोषक तत्व मौजूद हैं। इसी खासियत को देखते हुए भारत की अपील पर संयुक्त राष्ट्र ने 5 मार्च 2021 को वर्ष 2023 को 'इंटरनेशनल इयर ऑफ मिलेट' घोषित किया है।

कौन हैं पी वी सतीश

पेरियापटना वेंकटसुब्बैया सतीश ने दशकों पहले तेलंगाना में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने और इसके लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करने की पहल की थी। सतीश ने जब मोटे अनाज के प्रति जागरुकता फैलाने की पहल की तब उसे गरीबों का भोजन माना जाता था। यह वह दौर था, जब इसकी खेती को सरकार से कोई खास समर्थन नहीं मिलता था।

ऐसे में उन्होंने खुद ही बीड़ा उठाया और 1980 के दशक की शुरुआत में अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर डीडीएस एनजीओ (डेक्कन डेवलपमेंट सोसायटी) की स्थापना की।जो हैदराबाद से करीब120 किमी दूर जहीराबाद के पास पास्तापुर गांव में शुरू किया गया। उन्हीं के नेतृत्व में डीडीएस ने महिला संघों और मोटा अनाज की खेती व जैविक खेती को बढ़ावा दिया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मोटा अनाजों को शामिल करने में पी.वी.सतीश का अहम रोल रहा है।

भारत में मिलेट का उत्पादन

भारत में 6 से 7 किस्म के मोटे अनाज उगाए जाते हैं। जिसमें बाजरा, रागी,कंगनी,बारगु,जुआर,कोदो आदि शामिल हैं। भारत में वर्ष 2020-21 में 1.20 करोड़ टन मोटे अनाजों का उत्पादन किया था। और दुनिया के मिलेट उत्पादन में भारत की करीब 40 फीसदी की हिस्सेदारी है।भारत दुनिया में मोटे अनाज का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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