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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकले 3 भारतीय जहाज, लेकिन अभी भी 10 जहाज फंसे, MEA ने दी जानकारी

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने बताया कि 17 जून को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से अब तक भारत की ओर आने वाले 11 जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं।

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को लेकर विदेश मंत्रालय ने दी बड़ी जानकारी।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग रुकने के बाद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर विदेश मंत्रालय की तरफ से बड़ा अपडेट जारी किया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि फिलहाल भारतीय झंडे वाले 10 जहाज पर्शियन गल्फ क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके अलावा, दो अन्य भारतीय टैंकर हाल ही में इस मार्ग से खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन गतिविधियों से पता चलता है कि क्षेत्र में जहाजों का आवागमन दोनों तरफ से एक बार फिर से सामान्य रूप से शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि 17 जून को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से अब तक भारत की ओर आने वाले 11 जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं। इनमें भारतीय झंडे वाले 3 बड़े क्रूड ऑयल टैंकर भी शामिल हैं। प्रत्येक टैंकर में करीब 2.85 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ है, जिसे भारत लाया जा रहा है।

इसके अलावा एक विदेशी एलपीजी कैरियर, एक विदेशी कच्चा तेल टैंकर और उर्वरक लेकर आ रहे 6 विदेशी मालवाहक जहाज भी सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुके हैं। विदेश मंत्रालय को उम्मीद है कि क्षेत्र में मौजूद बाकी भारतीय जहाज भी जल्द ही इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे।

दुनियाभर के लिए जरूरी समुद्री मार्ग

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मध्य पूर्व का एक बेहद महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है। दुनिया में समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल के व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसके साथ ही प्राकृतिक गैस की बड़ी खेप भी इसी मार्ग से अलग-अलग देशों में पहुंचती है।

सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, कुवैत और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों का तेल इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाता है। इसलिए अगर इस समुद्री मार्ग में किसी तरह की बाधा आती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें बड़ी मात्रा इसी मार्ग से होकर आती है।

11 जहाज पार कर चुके स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि 17 जून को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से अब तक भारत की ओर आने वाले 11 जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं। इनमें भारतीय ध्वज वाले 3 बड़े तेल टैंकर भी शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक करीब 2.85 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एक विदेशी एलपीजी जहाज, एक विदेशी कच्चा तेल टैंकर और उर्वरक से लदे 6 विदेशी मालवाहक जहाज भी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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