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IPO: फिनटेक कंपनियां मचाएंगी स्टॉक मार्केट में धमाल, अगले कुछ सालों में लाएंगी धड़ाधड़ IPO

Fintech Companies IPO: भारत में रिटेल अनसिक्योर्ड लोन की पहुंच केवल 9 प्रतिशत है, जो कि अमेरिका में 259 प्रतिशत और यूके में 173 प्रतिशत है, जो दिखाता है कि इस क्षेत्र में वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं। भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या मार्च 2020 के बाद से दोगुनी होकर 18 करोड़ हो गई है, जो कि पहले 9 करोड़ थी।

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फिनटेक कंपनियां

Photo : iStock

Fintech Companies IPO: देश में डिजिटलाइजेशन बढ़ने के कारण फिनटेक कंपनियों में काफी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। इसी का असर है कि 35 से ज्यादा फिनटेक कंपनियां (500 मिलियन या उससे अधिक वैल्यूएशन वाली) अगले कुछ वर्षों में अपना आईपीओ लाने की योजना बना रही हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) और जेड47 (एफकेए मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पब्लिक इश्यू जारी करने के लिए कंपनियों को नियमों के अनुपालन के साथ एक मजबूत लीडरशिप की आवश्यकता होती है। केवल 40 से 60 प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि वे आईपीओ के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

फिनटेक कंपनियों की लिस्टिंग के दौरान दिखी गिरावट

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत में लिस्ट हुई करीब 70 प्रतिशत फिनटेक कंपनियों के शेयरों की कीमत में लिस्टिंग के छह महीने के अंदर ही गिरावट देखने को मिली है। साथ ही कहा कि कंपनी के सामने प्रभावी मैनेजमेंट, मुनाफा कमाना और लगातार वैल्यू क्रिएट करना एक बड़ी चुनौती होती है। भारतीय स्टार्टअप आमतौर पर यूनिकॉर्न बनने के बाद 3.5 से लेकर 4 वर्ष में आईपीओ लॉन्च कर देते हैं।

एक दशक में 100 अरब डॉलर से ज्यादा की वैल्यू भारतीय फिनटेक सेक्टर ने पैदा की

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक दशक में 100 अरब डॉलर से ज्यादा की वैल्यू भारतीय फिनटेक सेक्टर ने पैदा की है। इसमें आने वाले समय में वृद्धि की और संभावना है। अगले 3 से 5 दशक में भारत का फिनटेक सेक्टर 600 अरब डॉलर से ज्यादा की वेल्थ क्रिएट कर सकता है। बीते चार वर्षों में भारत में फिनटेक की संख्या बढ़कर चार गुना हो गई है। वहीं, इस दौरान यूनिकॉर्न और सूनीकॉर्न की संख्या बढ़कर तीन गुना हो गई है।

आईएएनएस इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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