लोकल चुनाव के लिए शेयर बाजार बंद करने पर भड़के नितिन कामथ, बोले- 'ये खराब प्लानिंग'
- Authored by: यतींद्र लवानिया
- Updated Jan 15, 2026, 01:37 PM IST
Maharashtra Election के चलते 15 जनवरी को BSE और NSE पर पूरे दिन ट्रेडिंग बंद रही। लेकिन इस फैसले ने मार्केट में नई बहस छेड़ दी है। जिरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने सवाल उठाते हुए कहा कि लोकल इलेक्शन के लिए पूरे देश का शेयर बाजार बंद करना सही नहीं है।
भड़के नितिन कामथ (इमेज क्रेडिट, कैन्वा/नितिन कामथ)
Why Share Market Closed Toady सवाल ने जिरोधा के को-फाउंडर नतिन कामथ को इतना नाराजगी से भर दिया कि उन्होंने इस मसले को सोशल मीडिया पर उठाया है। असल में महाराष्ट्र में आज नगर निगम चुनाव की वजह से शेयर बाजार में कोई कामकाज नहीं हो रहा। BSE और NSE ने इस दिन ट्रेडिंग हॉलिडे घोषित किया है। इसका असर इक्विटी, डेरिवेटिव्स और दूसरे सेगमेंट्स पर भी पड़ा है, यानी निवेशक आज शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं कर पाए।
एक्सचेंजों ने ट्रेडिंग रोकी
शुरुआत में एक्सचेंजों ने इसे केवल सेटलमेंट हॉलिडे के तौर पर रखा था। मतलब ट्रेडिंग चलती, लेकिन पैसों और शेयरों का सेटलमेंट रुक जाता।
हालांकि, पिछले हफ्ते एक्सचेंजों ने नया सर्कुलर जारी कर बताया कि महाराष्ट्र में बैंकिंग छुट्टी होने के चलते अब पूरी तरह ट्रेडिंग बंद रखी जाएगी।
नितिन कामथ ने उठाए सवाल
इस फैसले पर नितिन कामथ ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि किसी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए पूरे मार्केट को बंद करना तर्कसंगत नहीं है। कामथ के मुताबिक भारतीय बाजार अब ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम का हिस्सा है। ऐसे में इस तरह की छुट्टियां विदेशी निवेशकों के सामने भारत की इमेज को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने मशहूर निवेशक रहे चार्ली मंगर का चर्चित कोट भी याद दिलाया, “मुझे इंसेंटिव दिखाओ और मैं तुम्हें आउटकम दिखा दूंगा।” इसके जरिये कामथ असल में कहना चाह रहे थे कि सिस्टम में बदलाव की जरूरत तो है, लेकिन कोई इसे बदलना नहीं चाहता, क्योंकि किसी को भी हॉलीडे में कुछ बुराई नजर नहीं आती है।
क्या हैं ग्लोबल स्टैंडर्ड?
ऐसा नहीं है कि अमेरिका या दुनिया के दूसरे बड़े शेयरा बाजार कभी बंद नहीं होते हैं। असल में भारतीय बाजार में दूसरे बाजारों की तुलना में ज्यादा छुट्टियां होती हैं। इसे बाजार के जानकार एक व्यवधान मानते हैं। खासतौर पर इसे विदेशी फंड हाउसों के लिए ट्रेडिंग और हेजिंग में दिक्कत पैदा करने वाला माना जाता है। हालांकि, रेगुलेटर्स और सरकार का तर्क रहता है कि चुनाव के दिन कर्मचारियों और वोटर्स को सुविधा देना जरूरी है। इसके साथ ही बैंक बंद होने पर सेटलमेंट प्रोसेस भी प्रभावित होता है।
गोल्ड-सिल्वर में ट्रेडिंग होगी
शेयर बाजार भले ही बंद है, लेकिन कमोडिटी मार्केट में ट्रेडर्स को राहत मिल सकती है। MCX पर सुबह का सेशन बंद रहेगा, लेकिन शाम को ट्रेडिंग शुरू होगी। गोल्ड और सिल्वर जैसे बुलियन कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेडिंग होगी। कुछ एग्री-कमोडिटीज में रात 9 बजे तक ट्रेडिंग की अनुमति दी गई है।
ट्रेडिंग हॉलिडे और सेटलमेंट हॉलिडे में फर्क क्या है?
ट्रेडिंग हॉलिडे में शेयर बाजार में खरीद-बिक्री नहीं हो सकती। यानी आप स्टॉक्स, ऑप्शंस, फ्यूचर्स में कोई नया ट्रेड नहीं कर पाएंगे। वहीं, सेटलमेंट हॉलिडे में ट्रेडिंग होती है, लेकिन शेयर और पैसे का ट्रांसफर नहीं होता। यानी खरीदे गए शेयर उसी दिन डीमैट में नहीं आते और बेचे गए शेयरों का पैसा उसी दिन अकाउंट में नहीं आता।
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