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LPG Crisis के बीच जान लीजिए घर में कितने कनेक्शन और LPG सिलेंडर रखना है सही? वरना खानी पड़ सकती है जेल की हवा

देश में मंडरा रहे एलपीजी संकट और सप्लाई की दिक्कतों के बीच, अगर आप भी डर के मारे घरों में एक्स्ट्रा सिलेंडर जमा करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भारत में गैस सिलेंडर रखने और कनेक्शन को लेकर बेहद सख्त नियम हैं, जिनकी अनदेखी आपको भारी जुर्माने के साथ जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकती है।

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LPG gas Cylinder

आज के समय में जब मिडिल-ईस्ट के तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण देश में एलपीजी (LPG) संकट की आहट सुनाई दे रही है, तो कई लोग डर के मारे घरों में एक्स्ट्रा सिलेंडर जमा करने की सोचने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर घर में रखना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह आपको सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकता है? भारत में एलपीजी के भंडारण (Storage) और कनेक्शन को लेकर बेहद सख्त नियम हैं, जिनके बारे में हर उपभोक्ता को पता होना चाहिए। पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों के नियम स्पष्ट करते हैं कि एक घर या एक परिवार के लिए कितने सिलेंडर और कनेक्शन रखना 'लीगल' यानी कानूनी है।

'वन हाउस, वन कनेक्शन'

सबसे पहले बात करते हैं 'वन हाउस, वन कनेक्शन' (One House, One Connection) नियम की। भारत के कानून के अनुसार, एक ही रसोई या एक ही घर के पते पर केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाता है। यदि आपके पास पहले से ही किसी एक गैस कंपनी (जैसे इंडेन, एचपी या भारत गैस) का कनेक्शन है, तो आप उसी पते पर दूसरी कंपनी का कनेक्शन नहीं ले सकते। हालांकि, आप अपने सिंगल कनेक्शन को 'डबल सिलेंडर कनेक्शन' (DBC) में बदलवा सकते हैं, जिसमें आपको एक ही सब्सक्रिप्शन वाउचर पर दो सिलेंडर रखने की अनुमति मिलती है। अगर ई-केवाईसी (e-KYC) के दौरान यह पाया जाता है कि एक ही नाम या एक ही पते पर दो अलग-अलग कनेक्शन चल रहे हैं, तो गैस कंपनियां बिना नोटिस दिए आपका कनेक्शन काट सकती हैं और आप पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

घर में कितने सिलेंडर रख सकते हैं

अब सवाल आता है कि एक घर में कितने सिलेंडर रखना कानूनी है? घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आमतौर पर 2 सिलेंडर (DBC कनेक्शन की स्थिति में) रखना मानक है। नियमों के मुताबिक, आप घर में व्यावसायिक उद्देश्य के लिए या बिना वैध कागजात के सिलेंडर का स्टॉक नहीं कर सकते। नियम के मुताबिक, एक कनेक्शन पर आप दो सिलेंडर ले सकते हैं और साल में 15 सिलेंडर ले सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति 40 किलोग्राम से अधिक एलपीजी (यानी लगभग 3 घरेलू सिलेंडर) बिना किसी विशेष अनुमति या लाइसेंस के जमा करता है, तो इसे 'होर्डिंग' (जमाखोरी) माना जाता है। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत एक दंडनीय अपराध है। संकट के समय में अगर प्रशासन को खबर मिलती है कि किसी घर में गैस सिलेंडरों का अवैध स्टॉक किया गया है, तो पुलिस और आपूर्ति विभाग (Supply Department) छापेमारी कर सकता है।

जमाखोरी तो की क्या होगा?

जमाखोरी या अवैध रूप से सिलेंडर रखने के परिणाम और सजा काफी गंभीर हो सकते हैं। पकड़े जाने पर न केवल आपका गैस कनेक्शन स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है, बल्कि भारी आर्थिक जुर्माना भी देना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में, जहां सिलेंडरों का इस्तेमाल कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग के लिए किया जा रहा हो, वहां आरोपी को 3 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। इसके पीछे सरकार का मुख्य तर्क यह है कि ज्वलनशील गैस का अधिक भंडारण सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है और इससे बाजार में सिलेंडरों की कमी पैदा होती है, जिससे गरीब तबके को परेशानी होती है।

सुरक्षा के लिहाज से भी सिलेंडर रखने के अपने नियम हैं। सिलेंडर को हमेशा एक हवादार जगह पर सीधा खड़ा रखना चाहिए। अगर आपके पास दो सिलेंडर हैं, तो उन्हें कभी भी एक-दूसरे के ऊपर या बहुत तंग जगह में न रखें। संकट के इस समय में सरकार उपभोक्ताओं से अपील कर रही है कि वे 'पैनिक बुकिंग' न करें। अगर हर कोई अपनी जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर रखेगा, तो देश में कभी गैस की कमी नहीं होगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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