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नहीं है क्रेडिट कार्ड तो इमरजेंसी में कहां से मिलेगा पैसा? सस्ते लोन के क्या-क्या विकल्प हैं?

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अब सिर्फ शॉपिंग या बिल भरने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह लोन लेने का भी एक जरिया है। हालांकि, बिना इसके भी लोन मिलने के कई तरीके हैं। आइए आपको बताएं सस्ते लोन के ऑप्शन।

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सस्ते लोन के क्या क्या हैं विकल्प?

जीवन में मेडिकल इमरजेंसी, अचानक आई कोई बड़ी जिम्मेदारी या अनचाहे खर्च कभी भी दस्तक दे सकते हैं और ऐसे समय में जब आपके पास क्रेडिट कार्ड (Credit Card) उपलब्ध न हो, तो पैसों का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बहुत से लोग इमरजेंसी फंड न होने पर तुरंत किसी ऐप से या असुरक्षित पर्सनल लोन (Personal Loan) ले लेते हैं, जिसकी ब्याज दरें 12% से लेकर 36% सालाना तक बेहद ऊंची हो सकती हैं, जो आगे चलकर आपके सिबिल स्कोर और वित्तीय बजट को बिगाड़ देती हैं।

वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है, तो भी घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बाजार में ऐसे कई सुरक्षित और बेहद सस्ते लोन के विकल्प मौजूद हैं, जहां आप अपनी ही संपत्तियों को गिरवी रखकर या कुछ मौजूदा निवेशों के बदले बेहद कम ब्याज दर पर तुरंत पैसा हासिल कर सकते हैं। इन विकल्पों का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि ये पूरी तरह सुरक्षित (Secured Loans) होते हैं, जिसके कारण बैंकों या वित्तीय संस्थानों के लिए जोखिम कम होता है और वे आपको बहुत कम प्रोसेसिंग फीस और आकर्षक ब्याज दरों पर तुरंत लिक्विड कैश मुहैया करा देते हैं।

कहां मिलेगा सस्ते लोन का विकल्प?

  • इन सस्ते और त्वरित लोन विकल्पों की सूची में सबसे पहला और लोकप्रिय नाम है 'गोल्ड लोन' (Gold Loan), जिसके तहत आप अपने घर में रखे सोने के आभूषणों को बैंक या एनबीएफसी (NBFC) के पास गिरवी रखकर महज कुछ घंटों के भीतर कुल मूल्य का 75% तक का लोन पा सकते हैं, जिसकी ब्याज दरें आमतौर पर पर्सनल लोन के मुकाबले काफी कम होती हैं और इसमें खराब सिबिल स्कोर होने पर भी लोन आसानी से मिल जाता है।
  • दूसरा बेहतरीन विकल्प है 'लोन अगेंस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट' (Loan Against FD); अगर आपने भविष्य के लिए किसी बैंक में एफडी करा रखी है, तो आप उस एफडी को तुड़वाने के बजाय उसके बदले 90% से 95% तक की राशि का लोन या ओवरड्राफ्ट (OD) सुविधा ले सकते हैं, जिस पर बैंक आपकी एफडी की मौजूदा ब्याज दर से मात्र 1% से 2% अधिक ब्याज वसूलते हैं।
  • तीसरा विकल्प 'लोन अगेंस्ट म्यूचुअल फंड या शेयर्स' (Loan Against Mutual Funds/Shares) का है, जहां आप अपने डिजिटल पोर्टफोलियो को बिना बेचे (ताकि आपका लॉन्ग-टर्म रिटर्न प्रभावित न हो) उसे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के पास ऑनलाइन प्लेज (Pledge) करके मामूली ब्याज दरों पर ओवरड्राफ्ट लिमिट हासिल कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल आप केवल जरूरत के समय कर सकते हैं और ब्याज भी सिर्फ इस्तेमाल की गई रकम पर ही देना होता है।
  • चौथा जरिया है 'लोन अगेंस्ट लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी' (Loan Against Insurance Policy), जिसके तहत अगर आपके पास कोई ट्रेडिशनल इंश्योरेंस पॉलिसी जैसे एंडोमेंट या मनी-बैक प्लान है, तो आप उसकी सरेंडर वैल्यू (Surrender Value) के आधार पर बीमा कंपनी या बैंक से बेहद कम ब्याज पर लोन उठा सकते हैं।

वहीं, अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो अपने एम्प्लोयी प्रोविडेंट फंड (EPF) खाते से बीमारी, उच्च शिक्षा या घर की मरम्मत जैसे विशेष आपातकालीन हालातों में नॉन-रिफंडेबल एडवांस (EPF Advance Withdrawal) के रूप में अपनी जमा राशि का एक बड़ा हिस्सा निकाल सकते हैं, जिस पर आपको कोई ब्याज भी नहीं देना पड़ता और यह पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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