LIC New Pension Plus Plan:अगर आप रिटायरमेंट के बाद पेंशन की प्लानिंग कर रहे हैं तो LIC का न्यू पेंशन प्लस प्लान अच्छा विकल्प हो सकता है। इस प्लान के तहत महज हर महीने 3500 रुपये के निवेश पर सालाना 7 लाख या करीब 60 हजार रुपये की पेंशन पाई जा सकती है। स्कीम की खासियत यह है कि निवेशक एक सिंगल प्रीमियम के जरिए पेंशन का भी विकल्प चुन सकता है। इसके अलावा वह हर महीने, तिमाही, छमाही और सालाना आधार पर भी निवेश का विकल्प चुन सकता है। स्कीम के तहत मिनिमम हर महीने 3000 रुपये का निवेश करने पर भी 7 लाख रुपये सालाना की पेंशन ली जा सकती है।
क्या है LIC का न्यू पेंशन प्लस प्लान
एलआईसी का यह स्कीम एक यूनिट-लिंक्ड पेंशन प्लान है। इसके तहत एक साल में मिनिमम 30 हजार रुपये का निवेश जरूरी है। जिसे सालाना, मासिक, तिमाही छमाही आधार पर जमा किया जा सकता है। इसके अलावा 3000 रुपये महीने, 9000 रुपये तिमाही और 16000 रुपये छमाही आधार पर निवेश का विकल्प भी मौजूद है। इसके अलावा एकमुश्त रकम भी जमा की जा सकती है। इसके तहत सिंगल प्रीमियम कम से कम एक लाख रुपये होना चाहिए। इसके तहत एक तय अवधि तक रकम जमा होने के बाद मेच्योर हुई रकम के आधार पर पेंशन बनती है।
निवेश के लिए मिलते हैं 4 विकल्प
चूंकि यह यूनिट-लिंक्ड पेंशन प्लान है । ऐसे में निवेशकों को 4 फंड में निवेश का विकल्प मिलता है। इसमें से किसी एक फंड का चुनाव करना होता है। फंड के तहत पेंशन बॉन्ड फंड,पेंशन सुरक्षित निधि,पेंशन बैलेंस्ड फंड,पेंशन ग्रोथ फंड के विकल्प मिलते हैं। हर फंड में जोखिम अलग-अलग होता है। जहां जोखिम ज्यादा वहां रिटर्न मिलने के चांस ज्यादा होते हैं। जैसे पेंशन बॉन्ड फंड में सबसे कम जोखिम होता है। इसके बाद पेंशन सुरक्षित निधि में थोड़ा ज्यादा जोखिम होता है।पेंशन बैलेंस्ड फंड में मध्यम जोखिम होता है। जबकि पेंशन ग्रोथ फंड में सबसे ज्यादा जोखिम होता है।
8 फीसदी रिटर्न पर इतनी पेंशन
पॉलिसी बाजार डॉट कॉम की वेबसाइट के अनुसार अगर कोई व्यक्ति सालाना 30 हजार रुपये की रकम निवेश करता है। तो वह 42 साल तक कुल 12.60 लाख रुपये निवेश करेगा। जिसकी मैच्योरिटी वैल्यू 59,92,991 रुपये होगी। और इस आधार पर सालाना पेंशन 7,06,928 रुपये बनेगी। प्लान में 25 साल की उम्र से लेकर 75 साल की उम्र तक निवेश किया जा सकता है। और पॉलिसी टर्म कम से कम 10 साल और अधिकतम 42 साल तक हो सकता है। इसके तहत 5 साल का लॉक इन पीरियड होता है। उसके बाद कुछ रकम निकाली जा सकती है। हालांकि यह पूरे पॉलिसी टर्म में केवल 3 बार निकाला जा सकता है।
