Is Stock Market Open Today : आज 26 जनवरी 2026 है और आज गणतंत्र दिवस है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ऑफिशियल छुट्टियों की लिस्ट के अनुसार, NSE और BSE 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बंद रहेंगे। यह 15 जनवरी के बाद जनवरी में स्टॉक मार्केट की दूसरी छुट्टी है। 26 जनवरी को इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बोर्रोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) में ट्रेडिंग बंद रहेगी। यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि स्टॉक मार्केट सभी शनिवार और रविवार को बंद रहता है।
2026 के लिए NSE की आधिकारिक छुट्टी लिस्ट
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने साल 2026 की आधिकारिक ट्रेडिंग हॉलिडे लिस्ट जारी कर दी है। इसके मुताबिक, 2026 में इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी मार्केट कुल 15 दिन बंद रहेंगे, जो 2025 की तुलना में एक दिन ज्यादा है। इससे निवेशकों और ट्रेडर्स को पहले से अपनी रणनीति बनाने में आसानी होगी।
Stock Market Holiday: 2026 की पहली छमाही की प्रमुख छुट्टियां
- 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस
- 3 मार्च: होली
- 26 मार्च: राम नवमी
- 31 मार्च: महावीर जयंती
- 3 अप्रैल: गुड फ्राइडे
- 14 अप्रैल: अंबेडकर जयंती
- 1 मई: महाराष्ट्र दिवस
- 28 मई: बकरीद (ईद-उल-अजहा)
Stock Market Holiday: 2026 की दूसरी छमाही की अहम छुट्टियां
- 26 जून: मुहर्रम
- 14 सितंबर: गणेश चतुर्थी
- 2 अक्टूबर: गांधी जयंती
- 20 अक्टूबर: दशहरा
- 10 नवंबर: दिवाली बलिप्रतिपदा
- 24 नवंबर: गुरु नानक जयंती
- 25 दिसंबर: क्रिसमस
हालांकि, एक्सचेंज ऊपर बताई गई छुट्टियों के अलावा दूसरे दिनों में भी मार्केट बंद कर सकता है या जिन दिनों को पहले छुट्टी घोषित किया गया था, उन दिनों में मार्केट खोल सकता है। जब भी एक्सचेंज को सही और जरूरी लगेगा, वह ट्रेडिंग के घंटों को बढ़ा, घटा या आगे-पीछे कर सकता है।
ट्रेडिंग का समय क्या होता है?
भारतीय शेयर बाजारों में रोजाना की तरह प्री-ओपन सेशन सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक चलता है। इसके बाद नियमित कारोबार सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगा। यानी टाइमिंग में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
गणतंत्र दिवस 2026
आज 26 जनवरी 2026 को भारत का 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है जो ऐतिहासिक सम्मान को भविष्य के लिए आधुनिक दृष्टिकोण के साथ मिलाता है।
77वें गणतंत्र दिवस की मुख्य बातें
थीम: 2026 के लिए मुख्य थीम "वंदे मातरम के 150 साल" है, जो भारत की सांस्कृतिक निरंतरता और सामूहिक चेतना के प्रतीक के रूप में राष्ट्रीय गीत की विरासत का जश्न मनाती है। एक दूसरी थीम, "आत्मनिर्भर भारत", देश की तकनीकी और सैन्य प्रगति को उजागर करती है।
मुख्य अतिथि: एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम के तहत, भारत ने यूरोपीय संघ के दो नेताओं को आमंत्रित किया है: उर्सुला वॉन डेर लेयेन (यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष) और एंटोनियो कोस्टा (यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष)।
कर्तव्य पथ पर आज परेड में एक नया "बैटल एरे" फॉर्मेशन दिखाया जा रहा है, जिसमें पारंपरिक मार्चिंग के बजाय युद्ध के लिए तैयार क्रम में सैन्य संपत्तियों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
