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खाने वाले तेल-तिलहन का भाव 7 नवंबर 2025: सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और पामोलिन के ताजा रेट

Edible Oils-Oilseeds Prices: सोयाबीन के हाजिर दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी नीचे रहने के कारण किसानों ने मंडियों में आवक घटा दी, जिससे स्थानीय बाजार में सोयाबीन तेल और तिलहन के दामों में सुधार देखा गया। आइए जानते हैं सरसों तेल-तिहलन, मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल-तिलहन समेत खाने वाले तेल-तिलहन का ताजा भाव (Khane vale tel tilhan ka bhav aaj ka)।

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खाने वाले तेल का ताजा भाव (तस्वीर-istock)

Edible Oils-Oilseeds Prices: सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी नीचे चल रहे हाजिर दामों के कारण किसानों ने अपनी फसल की आवक मंडियों में कम कर दी है। इसके चलते स्थानीय बाजार में गुरुवार को सोयाबीन तेल-तिलहन की कीमतों में सुधार देखने को मिला। वहीं, सटोरियों की सक्रियता के चलते सरसों तेल-तिलहन के भाव भी मजबूत बने रहे। दूसरी ओर, सर्द मौसम में मांग कमजोर रहने के कारण कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दामों में गिरावट दर्ज की गई। सुस्त कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल की कीमतें स्थिर बनी रहीं। इस बीच शिकागो और मलेशिया एक्सचेंज में सुधार का रुख देखने को मिला, जहां शिकागो एक्सचेंज बुधवार रात करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था (Khane vale tel tilhan ka bhav aaj ka)।

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि सोयाबीन का एमएसपी 5,328 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके बावजूद महाराष्ट्र के हाजिर बाजारों में सोयाबीन की कीमतें एमएसपी से लगभग 15-16 प्रतिशत कम हैं, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में यह अंतर 20-22 प्रतिशत तक है। कम दामों और महाराष्ट्र सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीद के आश्वासन के कारण किसान फिलहाल अपनी उपज बाजार में नहीं ला रहे हैं। इसी वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन के भाव में सुधार देखा गया। वहीं, सटोरिया गतिविधियों ने सरसों तेल-तिलहन बाजार को भी मजबूती दी। जाड़े के मौसम में पाम और पामोलीन तेल जमने लगते हैं, जिससे इनकी मांग घट जाती है। इस कारण इन तेलों की कीमतें गिरावट के साथ बंद हुईं। दूसरी तरफ, कमजोर कारोबार के चलते मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव लगभग अपरिवर्तित रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे

तेल-तिलहनरेट प्रति क्विंटल
सरसों तिलहन 7,025-7,075 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली5,900-6,275 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) 14,050 रुपये प्रति क्विंटल
मूंगफली रिफाइंड तेल2,290-2,590 रुपये प्रति टिन
सरसों तेल दादरी14,750 रुपये प्रति क्विंटल
सरसों पक्की घानी2,465-2,565 रुपये प्रति टिन
सरसों कच्ची घानी2,465-2,600 रुपये प्रति टिन
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली13,300 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर13,000 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला10,150 रुपये प्रति क्विंटल
सीपीओ एक्स-कांडला11,380 रुपये प्रति क्विंटल
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)12,400 रुपये प्रति क्विंटल
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली13,200 रुपये प्रति क्विंटल
पामोलिन एक्स- कांडला12,150 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल
सोयाबीन दाना 4,550-4,600 रुपये प्रति क्विंटल
सोयाबीन लूज4,250-4,350 रुपये प्रति क्विंटल
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल तेल बाजार के विश्लेषकों को सरसों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरसों के दाम इस समय एमएसपी से काफी अधिक हैं और इससे किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है। असली चिंता तो सोयाबीन, मूंगफली, कपास और सूरजमुखी जैसी फसलों की होनी चाहिए, जिनके हाजिर दाम एमएसपी से काफी नीचे चल रहे हैं। साथ ही, ध्यान इस बात पर भी दिया जाना चाहिए कि आयातक सोयाबीन डीगम जैसे तेल को लागत से कम दाम पर बेच रहे हैं। यह घाटे का कारोबार कब तक चलेगा, और इससे बैंकों तथा किसानों को हो रहे नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह Author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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