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Spicejet: स्पाइसजेट के लिए नई मुश्किल, KAL एयरवेज और मारन ने मांगा 1323 करोड़ का हर्जाना

Spicejet: केएएल एयरवेज ने सोमवार को बयान में कहा वे 1,323 करोड़ रुपये से अधिक का हर्जाना भी मांग रहे हैं। इसका निर्धारण ब्रिटेन की एफटीआई कंसल्टिंग एलएलपी ने किया है। बयान में कहा गया है कि यह विवाद स्पाइसजेट के विश्वास हनन के कारण उत्पन्न हुआ और इसने एक दशक से अधिक समय तक केएएल एयरवेज और कलानिधि मारन दोनों के लिए समस्या पैदा की है।

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Spicejet: स्पाइसजेट के लिए नई मुश्किल, KAL एयरवेज और मारन ने मांगा 1323 करोड़ का हर्जाना

Spicejet:स्पाइसजेट और उसके प्रमुख अजय सिंह के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है। केएएल एयरवेज (KAL Airways) और कलानिधि मारन ने सोमवार को कहा कि वे स्पाइसजेट और उसके प्रमुख अजय सिंह से 1,323 करोड़ रुपये से अधिक का हर्जाना मांगेंगे। साथ ही वह, दोनों पक्षों के बीच जारी विवाद मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के हाल के आदेश को चुनौती देंगे। अदालत की खंडपीठ ने 17 मई को एकल न्यायाधीश की पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें मध्यस्थता न्यायाधिकरण के उस निर्णय को बरकरार रखा गया था, जिसमें स्पाइसजेट और उसके प्रवर्तक अजय सिंह को ब्याज के साथ 579 करोड़ रुपये मारन को वापस करने के लिए कहा गया था।

क्या है मामला

असल में पीठ ने 31 जुलाई, 2023 को पारित एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली अजय सिंह और स्पाइसजेट की अपील को स्वीकार कर लिया और मध्यस्थता न्यायाधिकरण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नये सिरे से विचार करने के लिए मामले को संबंधित अदालत में वापस भेज दिया है। इस संदर्भ में, मारन और उनकी कंपनी केएएल एयरवेज ने अपने कानूनी सलाहकार से परामर्श के बाद फैसले को चुनौती देने का निर्णय किया है।केएएल एयरवेज और मारन का मानना है कि उपरोक्त निर्णय में खामियां हैं और आगे इसपर जांच की आवश्यकता है।

पुराना विवाद

केएएल एयरवेज ने सोमवार को बयान में कहा वे 1,323 करोड़ रुपये से अधिक का हर्जाना भी मांग रहे हैं। इसका निर्धारण ब्रिटेन की एफटीआई कंसल्टिंग एलएलपी ने किया है। यह अनुबंध के उल्लंघन से होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए चर्चित कंपनी है। बयान के अनुसार, नुकसान का दावा केएएल एयरवेज और मारन ने मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया था। यह हमेशा से न्याय से जुड़ा अभिन्न हिस्सा बना हुआ है।बयान में कहा गया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती और हर्जाने के दावे दोनों को आगे बढ़ाकर मामले के उचित और न्यायसंगत समाधान की उम्मीद है।इसमें कहा गया है कि यह विवाद स्पाइसजेट के विश्वास हनन के कारण उत्पन्न हुआ और इसने एक दशक से अधिक समय तक केएएल एयरवेज और कलानिधि मारन दोनों के लिए समस्या पैदा की है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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