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दिग्गज भारतीय IT कंपनियों में जॉब ऑफर में गिरावट, 2023 में 65000 कम हो गईं नौकरियां

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Feb 22, 2024, 12:01 PM IST

Job Offers Decline In IT Sector: कुछ तिमाहियों में इंफॉर्मेशन टैक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में नौकरियों के लाले पड़े हैं। भारत टॉप आईटी कंपनियां इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा,टीसीएस समेत कई कंपनियों 2023 में 65,000 नौकरियां कम हो गईं।

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आईटी कंपनियों में कम हो गईं नौकरियां

Photo : BCCL

Job Offers Decline In IT Sector: पिछली कुछ तिमाहियों में इंफॉर्मेशन टैक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में नियुक्तियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रेवेन्यू के हिसाब से टॉप पांच भारतीय आईटी कंपनियों की कर्मचारियों की संख्या 2023 में करीब 65,000 कम हो गई। Naukri.com के मुताबिक दिसंबर 2023 में इस सेक्टर में में नौकरी ऑफर की संख्या दिसंबर 2022 की तुलना में 21% और सितंबर 2023 की तुलना में 4% कम हो गई। हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (एआई) में बढ़ोतरी के बीच यह गिरावट सामने आ रही है लेकिन इस वजह से आईटी कंपनियों ने नियुक्तियां धीमी नहीं की हैं। आईटी सर्विस की डिमांड कम होने की वजह से ऐसा हो रहा है। जैसे-जैसे डिमांड में तेजी आएगी वैसे-वैसे नियुक्तियां भी बढ़ेंगी।

इन आईटी कंपनियों में जॉब ऑफर में गिरावट

मिंट के मुताबिक 2023 में आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस में नौकरी ऑफर में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। 2022 की तुलना में -24182 कम नौकरियां दी गईं। वहीं विप्रो की बात करें तो -21875 कम जॉब ऑफर थे। टेक महिंद्रा में -10818 कम कर्मचारी रखे गए। टीसीएस में भी -10669 कम हायरिंग हुई। सिर्फ एचसीएल टेक में 2023 में +2486 लोगों को नौकरी दी गईं।

फिर से नियुक्तियां शुरू होने की उम्मीद

ऐसे शुरुआती संकेत मिले हैं कि नियुक्तियां फिर से वापस पटरी पर आएंगी। मिंट के मुताबिक कि इंफोसिस, जिसने कैंपस हायरिंग को छोड़ने का फैसला किया था, कुछ स्पेशल स्किल के लिए कैंपस में वापस आ गई है। टीमलीज ने कहा कि आईटी सेवा कंपनियां अगले छह महीनों में 40,000 से अधिक फ्रेशर्स को नियुक्त करने का इरादा रखती हैं, हालांकि एक साल पहले की तुलना में यह कम है। जैसे-जैसे आईटी सेवाओं की वैश्विक मांग बढ़ेगी, नियुक्तियां भी बढ़ेंगी-लेकिन बदलावों के साथ ये नियुक्तियां होंगी।

कोरोना काल में इस वजह से बढ़ी थी नियुक्तियां

महामारी के दौरान आईटी कंपनियां नियुक्तियों की होड़ में थीं। ग्राहक तेज गति से डिजिटल तकनीकों को अपना रहे थे। गार्टनर के अनुसार 2021 में आईटी सेवाओं की वैश्विक मांग 12.8% बढ़ी। जब परामर्श फर्म ने जुलाई 2022 में 200 से अधिक मुख्य वित्तीय अधिकारियों (सीएफओ) का सर्वेक्षण किया तो 69% ने डिजिटल टैक्नोलॉजी पर अपना खर्च बढ़ाने की योजना बनाई।

आईटी सर्विस की डिमांड पर बढेंगे जॉब ऑफर

ग्रोथ फैक्टर भर्ती का पैमाना आईटी सर्विस की मांग में वृद्धि पर निर्भर करता है। अपनी जनवरी की रिपोर्ट में गार्टनर ने लिखा कि 2023 के लिए समग्र आईटी खर्च वृद्धि दर 3.3% थी जो 2022 से केवल 0.3% की वृद्धि थी। यह मुख्य रूप से सीआईओ के बीच परिवर्तन के कारण था। 2024 में गति फिर से हासिल होगी समग्र आईटी खर्च में 6.8% वृद्धि होगी। आईटी सर्विस सेक्टर के 2023 में 5.8% से बढ़कर 2024 में 8.7% की तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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