Jio IPO DRHP को लेकर बड़ा अपड़ेट आया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने 17 इन्वेस्टमेंट बैंकों को इश्यू मैनेज करने के लिए नियुक्ति किया है। ₹40,000 करोड़ का इश्यू भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। यह पूरी तरह OFS मॉडल पर होगा। यानी शेयर कंपनी नहीं, निवेशक बेचेंगे। जानें आपके लिए क्या मौका है।
Jio IPO की तैयारी तेज, 17 बैंकों की एंट्री
Reliance Industries की डिजिटल यूनिट Jio Platforms ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए 17 इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त कर दिया है। यह कदम इश्यू की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। ब्लूमबर्ग और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी जल्द ही ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है, जिसमें दिसंबर तिमाही के वित्तीय आंकड़े शामिल होंगे।
OFS मॉडल: कंपनी नहीं जुटाएगी नया फंड
इस IPO की संरचना Offer For Sale (OFS) पर आधारित होगी। इसका मतलब है कि कंपनी कोई नई पूंजी नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इससे बैलेंस शीट पर दबाव नहीं बढ़ेगा और प्रमोटर नियंत्रण भी बरकरार रहेगा।
₹40,000 करोड़ का इश्यू, बन सकता है सबसे बड़ा IPO
बाजार अनुमानों के मुताबिक Jio Platforms की वैल्यूएशन करीब $180 अरब डॉलर तक हो सकती है। ऐसे में केवल 2.5% हिस्सेदारी की बिक्री से ही ₹35,000 से ₹40,000 करोड़ तक जुटाए जा सकते हैं। यह इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बना सकता है, जो मार्केट में नई बेंचमार्क सेट करेगा।
शुरुआती निवेशकों को एग्जिट का मौका
IPO के जरिए KKR, Silver Lake और Vista जैसे शुरुआती निवेशकों को आंशिक एग्जिट मिल सकता है। वहीं Google और Meta जैसे स्ट्रैटेजिक निवेशक अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकते हैं। इससे इश्यू में वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहने की उम्मीद है।
कम फ्री फ्लोट से बन सकता है प्रीमियम
सरकार के नए नियमों के तहत बड़ी कंपनियों को 2.5% पब्लिक फ्लोट के साथ लिस्टिंग की अनुमति मिल गई है। सीमित सप्लाई के चलते लिस्टिंग के बाद शेयर में प्रीमियम वैल्यूएशन देखने को मिल सकता है। हालांकि इससे वोलैटिलिटी भी बढ़ने की आशंका रहेगी।
रिलायंस की वैल्यू अनलॉक रणनीति
Mukesh Ambani के नेतृत्व में यह IPO रिलायंस की डिजिटल वैल्यू को अलग से सामने लाने की रणनीति का हिस्सा है। Jio अब केवल टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि डिजिटल इकोसिस्टम में बदल चुकी है, जिसमें ब्रॉडबैंड, ऐप्स और एंटरप्राइज सेवाएं शामिल हैं। इस IPO की संरचना Offer For Sale (OFS) पर आधारित होगी। इसका मतलब है कि कंपनी कोई नई पूंजी नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इससे बैलेंस शीट पर दबाव नहीं बढ़ेगा और प्रमोटर नियंत्रण भी बरकरार रहेगा।
Jio IPO आगे क्या और कब?
अगला कदम DRHP फाइलिंग है। माना जा रहा है, कंपनी मार्च में ही यह काम कर सकती है। इसके बाद SEBI से मंजूरी में 30-75 दिन लगते हैं। बाजार अनुमान के मुताबिक अगले कुछ महीनो में कंपनी की लिस्टिंग हो सकती है। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
Jio IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा इवेंट साबित हो सकता है। OFS स्ट्रक्चर, हाई वैल्यूएशन और कम फ्री फ्लोट का कॉम्बिनेशन इसे हाई-इंटरेस्ट इश्यू बनाता है। लिस्टिंग के बाद इसके सेक्टर और मार्केट सेंटिमेंट पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
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