Jamun Export: कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने गुरुवार को कर्नाटक से लंदन के लिए ताजा जामुन फल की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। यह कदम भारत के पारंपरिक फलों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
पहले होता था केवल जमे हुए जामुन का निर्यात
अब तक भारत से केवल जमे हुए जामुन का निर्यात होता था, लेकिन अब ताजा जामुन सीधे विदेशी बाजारों में पहुंचाया जाएगा। इससे भारतीय फलों की विविधता और गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
एफपीओ से सीधे प्राप्त किए गए फल
एपीडा ने जानकारी दी कि इस खेप के लिए जामुन सीधे किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से प्राप्त किए गए हैं। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिली है।
किसानों को मिलेगा बेहतर लाभ
अनंता ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निर्यातक पार्थसारधी ने बताया कि इस निर्यात पहल से स्थानीय किसानों को औसतन 110 रुपये प्रति किलोग्राम का मूल्य मिलेगा, जबकि घरेलू बाजार में उन्हें केवल 50-60 रुपये प्रति किलोग्राम ही मिल पाता था।
सरकारी सहयोग से हुआ सफल पैकिंग और निर्यात
इस खेप को कर्नाटक सरकार के बागवानी विभाग के तहत स्थापित एपीडा और प्लांट क्वारंटीन-अनुमोदित पैकहाउस में पैक किया गया है, जिससे गुणवत्ता और निर्यात मानकों का पूरा ध्यान रखा गया।
औषधीय गुणों से भरपूर है जामुन
एपीडा के अनुसार, कर्नाटक भारत के जामुन उत्पादन में अग्रणी है। जामुन फल अपने औषधीय गुणों और स्वास्थ्य लाभ के लिए भी जाना जाता है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ रही है। (इनपुट भाषा)
