बिजनेस

अब तक नहीं मिला ITR रिफंड का पैसा? कहीं आपने भी तो नहीं कर दी ये 4 गलतियां

ITR Refund: अगर आपका भी इनकम टैक्स रिफंड अभी तक नहीं आया है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है, दरअसल कई बार इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय हमारी ही कुछ गलतियों की वजह से रिफंड अटक जाता है और रिफंड मिलने में देरी हो जाती है, अगर आपका भी रिफंड अभी तक अटका है तो चेक कर लीजिए कहीं आप भी तो ये 4 चार गलतियां नहीं कर रहे?

Image

Income Tax (Pic Credit: Canva)

ITR Refund: अगर आपने अपना इनकम टैक्स दिया है लेकिन उसका रिफंड अभी तक नहीं आया है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद ज्यादातर लोग सबसे पहले टैक्स रिफंड का इंतजार करते हैं। लेकिन कई बार समय पर ITR भरने के बावजूद रिफंड अकाउंट में नहीं आता। दरअसल, इसके पीछे कुछ आम गलतियां होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप इन गलतियों से बचेंगे तो आपका रिफंड जल्दी मिल सकता है।

1. गलत टैक्स डिडक्शन क्लेम करना

अगर आपने HRA, सेक्शन 80C या मेडिकल इंश्योरेंस जैसी छूट का दावा किया है, लेकिन उसके पास सबूत (प्रूफ) नहीं है, तो आयकर विभाग आपका रिफंड रोक सकता है। फर्जी या बिना दस्तावेज़ वाले क्लेम पर विभाग नोटिस भी भेज सकता है।

2. AIS और ITR में फर्क होना

Annual Information Statement (AIS) में ब्याज, डिविडेंड और इनकम की डिटेल होती है। अगर ITR और AIS में बड़ा अंतर है, तो रिफंड अटक सकता है। इसलिए दोनों को मिलाना जरूरी है।

3. TDS की जानकारी का मैच न होना

अगर आपके फॉर्म 26AS या AIS में TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) दिख रहा है, लेकिन कंपनी या क्लाइंट ने टैक्स जमा नहीं किया, तो आपको उसका फायदा नहीं मिलेगा। यह दिक्कत अक्सर फ्रीलांसर और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को होती है।

4. बैंक अकाउंट वेरिफाइड न होना

टैक्स रिफंड सिर्फ उसी बैंक अकाउंट में आता है जो इनकम टैक्स पोर्टल पर लिंक और ई-वेरिफाइड हो। अगर अकाउंट अपडेट नहीं है, तो रिफंड फेल हो सकता है। इसलिए पोर्टल पर लॉगिन करके अकाउंट की स्थिति जरूर चेक करें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article