ITR Filing 2026 : इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) और असेसमेंट ईयर 2026-27 (AY27) के लिए ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है। इसके साथ ही सभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म भी नोटिफाई कर दिए गए हैं। अब टैक्सपेयर्स ऑफलाइन तरीके से एक्सेल फॉर्म डाउनलोड करके अपनी रिटर्न तैयार कर सकते हैं और बाद में उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं। पहली बार रिटर्न भरने वालों को पहले आधार, पैन और अन्य जरूरी जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद फॉर्म डाउनलोड करके उसे भरना होगा, फिर JSON फाइल बनाकर ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। हालांकि, इस बार रिटर्न फाइल करते समय कई टैक्स छूटों के लिए पहले से ज्यादा जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है।
80C की छूट लेने पर देनी होगी पॉलिसी डिटेल
अगर कोई टैक्सपेयर्स सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट लेना चाहता है, तो अब उसे अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसमें निवेश की राशि के साथ पॉलिसी नंबर या डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। पहले केवल निवेश राशि बताने से काम चल जाता था, लेकिन अब हर निवेश का रिकॉर्ड देना होगा।
80CCD के तहत NPS निवेश पर भी नई शर्त
सेक्शन 80CCD(1) और 80CCD(1B) के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों को भी अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। अब टैक्सपेयर्स को निवेश राशि के साथ अपना PAN नंबर भी दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे विभाग निवेश की सही जांच कर सकेगा।
80DD और 80U में फॉर्म 10IA जरूरी
अगर कोई व्यक्ति दिव्यांग आश्रित या स्वयं की दिव्यांगता के आधार पर सेक्शन 80DD या 80U के तहत टैक्स छूट लेना चाहता है, तो अब उसे ज्यादा डिटेल देनी होगी। इसमें दिव्यांगता का प्रकार, दिव्यांगता की प्रकृति, कटौती की राशि, आश्रित का PAN और आधार नंबर देना होगा। साथ ही फॉर्म 10IA दाखिल करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। अब ITR फाइल करते समय फॉर्म 10IA का एक्नॉलेजमेंट नंबर और फाइलिंग की तारीख भी भरनी होगी। बिना इस फॉर्म के टैक्स छूट का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हेल्थ इंश्योरेंस पर 80D में भी बढ़ी सख्ती
सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट लेने वालों को अब इंश्योरेंस कंपनी का नाम, पॉलिसी नंबर और जमा किए गए प्रीमियम की राशि बतानी होगी। इससे गलत दावों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
एजुकेशन और होम लोन पर भी देनी होगी पूरी जानकारी
सेक्शन 80E, 80EE, 80EEA और 80EEB के तहत एजुकेशन लोन, होम लोन या इलेक्ट्रिक वाहन लोन पर टैक्स छूट लेने वालों को अब बैंक या संस्था का नाम, लोन अकाउंट नंबर, लोन मंजूरी की तारीख, कुल लोन राशि, बकाया लोन और ब्याज की जानकारी देनी होगी। यानी अब केवल ब्याज राशि बताने से काम नहीं चलेगा।
80GG के लिए पहले भरना होगा फॉर्म 10BA
जो लोग किराए के मकान में रहते हैं और HRA नहीं लेते, वे सेक्शन 80GG के तहत टैक्स छूट का दावा करते हैं। अब ऐसे टैक्सपेयर्स को ITR फाइल करने से पहले Form 10BA भरना अनिवार्य होगा। इसके बाद मिले एक्नॉलेजमेंट नंबर को ITR में दर्ज करना पड़ेगा। बिना Form 10BA के 80GG की छूट नहीं मिलेगी।
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख क्या है?
व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। वहीं ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। अगर कोई तय समय तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता, तो वह 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल कर सकता है।
जल्दबाजी में रिटर्न भरने से हो सकती है परेशानी
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को 15 जून के बाद ही ITR फाइल करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि बैंक, कंपनियां, म्यूचुअल फंड और अन्य संस्थाएं 31 मई तक TDS और निवेश से जुड़ी जानकारी अपडेट करती हैं। इसके बाद Form 26AS और AIS में जानकारी अपडेट होने में 7 से 10 दिन का समय लग जाता है। अगर कोई व्यक्ति इससे पहले रिटर्न फाइल कर देता है, तो उसकी जानकारी में मिसमैच हो सकता है। इससे इनकम टैक्स विभाग नोटिस भेज सकता है और रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है। इसलिए सभी दस्तावेज और टैक्स डिटेल पूरी तरह अपडेट होने के बाद ही ITR दाखिल करना बेहतर माना जा रहा है।
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