Koel Mallick Resign From TMC: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच राज्यसभा सांसद और अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कोयल मलिक ने भूपेंद्र यादव के आवास पर जानकर उनसे मुलाकात की। फिल्मी करियर के बाद कोयल मलिक ने इसी साल अप्रैल में ही टीएमसी का दामन थामा था। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा भेजा था। बुधवार को पार्टी नेता मदन मित्रा ने भी ममता का साथी छोड़ दिया था और ऋतब्रत खेमे में चले गए थे।
राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन को लिखे एक पत्र में कोयल मल्लिक ने कहा है कि वे अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं। कृपया इसे स्वीकार किया जाए. उन्होंने राज्यसभा के सभी अधिकारियों और सदस्यों को धन्यवाद दिया है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया है। हाल के दिनों में सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक समेत कई नेताओं ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दिया है, जिससे टीएमसी पर दबाव बढ़ गया है। फिलहाल कोयल मलिक के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने वास्तव में राज्यसभा की सदस्यता छोड़ी है या नहीं। यदि इस्तीफा स्वीकार होता है, तो यह टीएमसी के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।

टीएमसी सांसद कोयल मल्लिक ने राज्यसभा पद से इस्तीफा दिया।
कौन हैं कोयल मल्लिक?
कोयल मल्लिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वो बंगाली फिल्म इंडस्ट्री (टॉलीवुड) की मशहूर अभिनेत्री हैं। उनका जन्म 28 अप्रैल 1982 को कोलकाता में हुआ था। वह दिग्गज अभिनेता रंजीत मलिक की बेटी हैं और उन्होंने गोखले मेमोरियल गर्ल्स कॉलेज से मनोविज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की। कोयल ने साल 2003 में फिल्म 'नाटेर गुरु'से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 'बंधन', 'शुभदृष्टि', 'पागलू', 'हेमलॉक सोसाइटी' और 'मितिन माशी'।जैसी कई सफल फिल्मों में अभिनय कर वह बंगाली सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
इन नेताओं ने भी टीएमसी से दिया इस्तीफा
इससे पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी पार्टी छोड़ चुके हैं। बाद में तीनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया और उन्हें राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार भी बनाया गया। वहीं, टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से लगभग 64 विधायक पार्टी से बगावत कर अलग गुट बना चुके हैं। इन बागी विधायकों ने अपना समर्थन वापस लेते हुए स्पीकर के सामने असली टीएमसी होने का दावा भी पेश किया है।
