वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की आज अंतिम तिथि है। इनकम टैक्स विभाग ने कहा है कि आईटीआर दाखिल करने, कर भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं में करदाताओं की सहायता के लिए, हमारा हेल्पडेस्क 24x7 आधार पर काम कर रहा है, और हम कॉल, लाइव चैट, वेबएक्स सेशन और ट्विटर/X के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहे हैं। हम उन सभी लोगों से आग्रह करते हैं जिन्होंने AY 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल नहीं किया है, वे आखिरी मिनट की भागदौड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द दाखिल करें। डेड लाइन नजदीक आने के साथ, इस बात को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या समय सीमा को फिर से बढ़ाया जाएगा। हालांकि, आईटीआर की समय सीमा बढ़ाने के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पहले ही डेडलाइन बढ़ा चुका है डिपार्टमेंट
इस बार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 31 जुलाई की पुरानी डेडलाइन को बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया था। यानी टैक्सपेयर्स को अतिरिक्त समय दिया गया था, लेकिन अब विभाग लगातार रिमाइंडर भेज रहा है कि हर हाल में इनकम टैक्स रिटर्न ड्यू डेट 2025 का पालन करें। अगर आप ITR 2025 फाइल करने की आखिरी तारीख तक अपना रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आपको न सिर्फ पेनल्टी देनी होगी बल्कि कई टैक्स बेनिफिट्स से भी चूक जाएंगे। पिछले साल जब डेडलाइन 31 जुलाई थी तो करीब 7.28 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किए गए थे। इस बार 13 सितंबर तक 6 करोड़ ITR फाइलिंग पूरी हो चुकी है और एक्सपर्ट्स का मानना है कि डेडलाइन तक यह संख्या करीब 8 करोड़ तक पहुंच सकती है।
आईटीआर कैसे दाखिल करें?
- पैन (यूजर आईडी के रूप में) और पासवर्ड का उपयोग करके आयकर पोर्टल पर लॉग इन करें
- आईटीआर फाइलिंग सेक्शन पर जाएं
- आकलन वर्ष चुनें
- फाइलिंग स्थिति चुनें
- सही आईटीआर फॉर्म चुनें
- जानकारी की समीक्षा करें और पुष्टि करें
- कर बकाया का भुगतान करें और जमा करें
- रिटर्न का ई-सत्यापन करें
यह अंतिम तिथि किस पर लागू होती है?
वित्त वर्ष 2025 के आईटीआर के लिए 15 सितंबर की अंतिम तिथि उन करदाताओं पर लागू होती है जो कर ऑडिट के अधीन नहीं हैं। यह समय सीमा व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और ITR फॉर्म 1 से 4 का उपयोग करने वाली संस्थाओं पर लागू होती है।
जुर्माना क्या है?
15 सितंबर के बाद रिटर्न दाखिल करने पर धारा 234F के तहत 5,000 रुपये (यदि आय 5 लाख रुपये से अधिक है) और कम आय वालों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। विलंबित या संशोधित रिटर्न 31 दिसंबर, 2025 तक दाखिल किए जा सकते हैं, जबकि अद्यतन रिटर्न (ITR-U) 31 मार्च, 2030 तक जमा किए जा सकते हैं। अगर आप पर कर बकाया है और आप रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 234A के तहत बकाया कर राशि पर ब्याज लगाया जाएगा। बकाया कर पर एक प्रतिशत प्रति माह (या महीने के किसी भाग) का साधारण ब्याज लगाया जाएगा, जिसकी गणना रिटर्न दाखिल करने की नियत तिथि से वास्तविक दाखिल तिथि तक की जाएगी।
