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IT हार्डवेयर कंपनियों को बिना लाइसेंस मिल सकती है आयात की मंजूरी, Apple-HP-Dell को बड़ी राहत

Import Without License Will Benefit IT Firms: चालू वित्त वर्ष के लिए, सरकार केवल इम्पोर्ट मैनेमेंजट सिस्टम के तहत आयात किए जाने वाले इक्विपमेंट के सोर्स और वैल्यू पर नजर रखेगी। कंपनियों को मार्केट में मांग पूरी करने के लिए उतना ही आयात करने की अनुमति होगी जितनी उन्हें आवश्यकता हो।

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बिना लाइसेंस के आयात से आईटी हार्डवेयर कंपनियों को फायदा होगा

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • सरकार आईटी हार्डवेयर कंपनियों को दे सकती है राहत
  • एप्पल, सैमसंग और लेनोवो को होगा फायदा
  • पीएलआई स्कीम का भी मिलेगा फायदा

IT Hardware Firms: भारत सरकार ने आईटी हार्डवेयर (IT Hardware) निर्माता कंपनियों से कहा है कि वह कम से कम चालू वित्तीय वर्ष में बिना किसी कोटा और लाइसेंसिंग आवश्यकताओं के आयात की मंजूरी दे सकती है। इसके लिए एक रजिस्ट्रेशन मैकेनिज्म पर विचार किया जा रहा है। ये एक ऐसा कदम होगा, जिससे एचपी (HP), डेल (Dell), एप्पल (Apple), सैमसंग (Samsung), लेनोवो (Lenovo), आसुस (Asus) और एसर (Acer) समेत इस सेगमेंट के बाकी ब्रांड को राहत मिलेगी।

सोर्स और वैल्यू पर ध्यान देगी सरकार

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष के लिए, सरकार केवल इम्पोर्ट मैनेमेंजट सिस्टम के तहत आयात किए जाने वाले इक्विपमेंट के सोर्स और वैल्यू पर नजर रखेगी। कंपनियों को मार्केट में मांग पूरी करने के लिए उतना ही आयात करने की अनुमति होगी जितनी उन्हें आवश्यकता हो।

कब से लागू होंगे कोटा समेत बाकी नियम

कोटा और बाकी नियम अगले चरण में या अगले वित्तीय वर्ष से लागू होंगे। सरकार ने 8 सितंबर को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईटी हार्डवेयर इंडस्ट्री के सामने अपना रुख रखा।

इस बैठक में एप्पल, डेल, सैमसंग, एचपी, एचपीई, एसर, आसुस, एप्पल, सिस्को और इंटेल के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) और मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एमएआईटी) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

कंपनियों को सरकार की तसल्ली

इन कंपनियों को सरकार ने आश्वासन दिया गया है कि वह उन्हें पीएलआई योजना (PLI Scheme) के तहत लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। इससे कंपनियों को राहत मिलेगी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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