IT Hardware Firms: भारत सरकार ने आईटी हार्डवेयर (IT Hardware) निर्माता कंपनियों से कहा है कि वह कम से कम चालू वित्तीय वर्ष में बिना किसी कोटा और लाइसेंसिंग आवश्यकताओं के आयात की मंजूरी दे सकती है। इसके लिए एक रजिस्ट्रेशन मैकेनिज्म पर विचार किया जा रहा है। ये एक ऐसा कदम होगा, जिससे एचपी (HP), डेल (Dell), एप्पल (Apple), सैमसंग (Samsung), लेनोवो (Lenovo), आसुस (Asus) और एसर (Acer) समेत इस सेगमेंट के बाकी ब्रांड को राहत मिलेगी।
सोर्स और वैल्यू पर ध्यान देगी सरकार
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष के लिए, सरकार केवल इम्पोर्ट मैनेमेंजट सिस्टम के तहत आयात किए जाने वाले इक्विपमेंट के सोर्स और वैल्यू पर नजर रखेगी। कंपनियों को मार्केट में मांग पूरी करने के लिए उतना ही आयात करने की अनुमति होगी जितनी उन्हें आवश्यकता हो।
कब से लागू होंगे कोटा समेत बाकी नियम
कोटा और बाकी नियम अगले चरण में या अगले वित्तीय वर्ष से लागू होंगे। सरकार ने 8 सितंबर को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईटी हार्डवेयर इंडस्ट्री के सामने अपना रुख रखा।
इस बैठक में एप्पल, डेल, सैमसंग, एचपी, एचपीई, एसर, आसुस, एप्पल, सिस्को और इंटेल के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) और मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एमएआईटी) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कंपनियों को सरकार की तसल्ली
इन कंपनियों को सरकार ने आश्वासन दिया गया है कि वह उन्हें पीएलआई योजना (PLI Scheme) के तहत लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। इससे कंपनियों को राहत मिलेगी।
