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हमास G-20 के बिग प्लान में बनेगा रोड़ा ! इजरायल के रास्ते बनना है इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Oct 10, 2023, 03:43 PM IST

India Middle East Europe Corridor: इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर से भारत, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, जॉर्डन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन को फायदा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत एक अंतरराष्ट्रीय रेल और शिपिंग मार्ग बनाए जाएंगे। जो एशिया और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।

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G-20 में हुआ था IMEC का ऐलान

Israel-Hamas War May Impact IMEC: इजरायल पर हमास के औचक हमले के बाद से मिडिल ईस्ट में खतरनाक स्थिति बन गई है। और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्नयाहू ने यह ऐलान कर दिया है कि वह हमास को न भूलने वाला सबक देंगे। ऐसे में साफ है कि हमास और इजरायल के बीच युद्ध और भीषण होगा। और इस क्षेत्र में अशांति का लंबा दौर चल सकता है। अभी तक दोनों देशों के 1600 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अगर इस क्षेत्र में शांति नहीं आती है तो G-20 के सबसे अहम ऐलान पर ग्रहण लग सकता है। हाल ही में नई दिल्ली में हुई G-20 सम्मेलन में इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर बनाने का ऐलान हुआ था। इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर को चीन के वन बेल्ट वन रोड (OBOR) यानी BRI प्रोजेक्ट का जवाब माना जा रहा है। और उसका एक बड़ा हिस्सा अरब देशों से होकर गुजरेगा।

क्या है इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर (IMEC)

इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर से भारत, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, जॉर्डन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन को फायदा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत एक अंतरराष्ट्रीय रेल और शिपिंग मार्ग बनाए जाएंगे। जो एशिया और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे। इस कॉरिडोर पर यूरोपीयन कमीशन के प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि मेगा रेल लिंक से भारत और यूरोप के बीच व्यापार 40% तेज हो जाएगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इस रेल लिंक को एक बड़ा कदम बताया था।

इजरायल का बंदरगाह और रेल लिंक से सीधा कनेक्शन

असल में इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर का बड़ा अरब देशों से होकर गुजरेगा। और इजरायल-हमास युद्ध से जिस तरह अरब देश शामिल हो गए हैं, उससे साफ है कि इस पूरे इलाके में बेहद अनिश्चितता बन गई है। और कॉरिडोर के तहत इजरायल से रेल नेटवर्क भी गुजरना है। इसके अलावा वहां के सबसे बड़े बंदरगाह हाइफा को भी कॉरिडोर में शामिल होना है। जिस पर अडानी ग्रुप ने बड़ा निवेश किया है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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