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सहारा में फंसा है आपका पैसा? अब एक बार में करें पूरा क्लेम, आया नया नियम

सहारा इंडिया में निवेश करके अपना पैसा वापस पाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। अब जमाकर्ता ₹50,000 की सीमा के बिना अपनी कुल दावा राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। जानिए रिफंड की प्रक्रिया और जरूरी बातें।

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Sahara Money

अगर सहारा इंडिया में आपका पैसा भी लंबे समय से फंसा हुआ है और आप रिफंड के नियमों को लेकर परेशान हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। सरकार ने सहारा रिफंड की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब निवेशक अपनी पूरी दावा राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। यानी अब निवेशकों को 50,000 या 10 लाख तक की सीमित रकम के लिए ही आवेदन करने की जरूरत नहीं है। वे अपनी कुल दावा राशि के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। इस बदलाव की जानकारी सहकारिता मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आवेदन करते ही पूरी रकम खाते में आ जाएगी। क्लेम की जांच और पात्रता के आधार पर ही रिफंड दिया जाएगा।

मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2026 तक सहारा के जमाकर्ताओं को ₹9,585 करोड़ से ज्यादा की रकम वापस की जा चुकी है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि रिफंड के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है। यानी किसी भी निवेशक को क्लेम जमा करने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। इसके साथ ही सहारा रिफंड पोर्टल पर निवेशकों की मदद के लिए तीन नए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। ये नंबर 011-44716198, 011-44716498 और 011-44716887 हैं।

किन निवेशकों को मिलेगा रिफंड?

यह रिफंड प्रक्रिया सहारा की चार सहकारी समितियों के पात्र जमाकर्ताओं के लिए है। इनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ; सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल; हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद शामिल हैं। इन समितियों में पैसा जमा करने वाले पात्र निवेशक सरकारी पोर्टल पर जाकर अपना क्लेम जमा कर सकते हैं।

कैसे करें रिफंड के लिए आवेदन?

रिफंड पाने के लिए निवेशकों को आधिकारिक वेबसाइट CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल पर जाना होगा। वहां लॉग-इन करके ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा और जमा की गई रकम से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और बैंक खाता होना जरूरी है। सभी जानकारी और दस्तावेज सही होने चाहिए, ताकि क्लेम में कोई कमी न रह जाए।

45 दिनों में मिलेगी आवेदन की जानकारी

आवेदन जमा होने के बाद 30 दिनों के भीतर संबंधित सहकारी समितियां उसका वेरिफिकेशन करेंगी। इसके बाद अगले 15 दिनों में निवेशक को SMS या पोर्टल के जरिए आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। यानी आवेदन से जुड़े फैसले की जानकारी अधिकतम 45 दिनों में मिलने की व्यवस्था है। जिन लोगों के पुराने आवेदन में कमी बताई गई है या जिनका पेमेंट फेल हुआ है, वे जरूरी सुधार करके री-सबमिशन पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रखें, रिफंड दिलाने के नाम पर किसी एजेंट या अनजान व्यक्ति को पैसे न दें। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही करें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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