ED Exposed IREO Fraud : आइरियो बिल्डर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट तैयार कर पंचकूला स्पेशल कोर्ट में पेश कर दी है। इसमें एम3एम ग्रुप की कई कंपनियों और प्रबंधन के रूप कुमार बंसल व अन्य को भी आरोपी बनाया गया है। अब कुल आरोपियों की संख्या 52 हो गई है। इन नए नामों में 25 से अधिक कंपनियां शामिल हैं। जिनमें कई कंपनियां एम3एम ग्रुप की भी हैं।
स्कैम की शिकायत किसने की और कब मिलेगा न्याय?
यह एक ऐसा मामला है जिसमें बिल्डर्स के खिलाफ शिकायत करने वाला और खुद आरोपी आइरियो बिल्डर दोनों अब तक जेल में हैं। दोनों पार्टियों में से एक, Ireo और M3M India दो गुरुग्राम स्थित रियल एस्टेट डेवलपर्स जो अपनी भव्य और शानदार घर, फ्लैट्स, आपर्टमेंट के लिए जाने जाते हैं ने कथित तौर पर अनगिनत घर खरीदारों और विदेशी निवेशकों को धोखा देकर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला किया। दरअअसल जिन्होंने बिल्डर्स के खिलाफ शिकायत की है वह Ireo के पूर्व सीईओ हैं। जिनका नाम रमेश सांका है और इनपर डेटा चोरी के आरोप हैं। इस ड्रामे के बीच, कोई नहीं जानता कि घर खरीदने वालों को कब न्याय मिलेगा।
IREO का मालिक कौन है?
IREO ग्रुप के मालिक ललित गोयल हैं। इसकी वेबसाइट के अनुसार रियल एस्टेट सेक्टर में इसके पास 15 सालों से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी का बेस गुरुग्राम है। इस ग्रुप का विवादों से पुराना नाता रहा है। दरअसल पिछले साल ईडी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया था ललित गोयल 1,225 करोड़ रुपये के फंड को डायवर्ट करने और 1,050 से अधिक निवेशकों को धोखा देने में शामिल हैं। इसके जिन प्रोजेक्ट्स में लोगों को ठगे जाने का आरोप लगा था उनमें आईआरईओ फाइवरिवर, द कॉरिडोर, आईआरईओ सिटी और पंजाब में आईआरईओ वाटरफ्रंट शामिल हैं।
लैंड रोवर, रोल्स रॉयस जैसी 60 करोड़ रुपये की हो जब्त होने का मामला
इसके पहले ईडी ने जांच के दौरान रियल एस्टेट कंपनियों आइरियो और एम3एम के परिसरों पर इसी साल 5 जून को छापे मारे तो प्रवर्तन निदेशालय को रियल एस्टेट कंपनियों के परिसरों की तलाशी के दौरान फेरारी, लैम्बॉर्गिनी, लैंड रोवर, रोल्स रॉयस, बेंटले, मर्सिडीज एवं मेबैक जैसी 17 लग्जरी गाड़ियां मिली थी। इनकी कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसके अलावा 5.75 करोड़ रुपये मूल्य के गहने एवं सर्राफा, 15 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए थे।
मामले की जांच चल रही
ईडी के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है और इसमें आगे भी सप्लीमेंट्री चार्जशीट की जा सकती है। ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. सत्येंद्र वीर विक्रम की ओर से ये 177 पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट तैयार की गई है।
14 FIR हो चुकी हैं दर्ज
पंचकूला के पंजौर थाने में नवंबर 2019 से जनवरी 2020 तक 14 FIR साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी की धाराओं में दर्ज हुई। आइरियो कंपनी के फाइव रिवर प्रॉजेक्ट के ये सभी बायर्स थे। करीब 400 निवेशकों ने 162 करोड़ रुपये बिल्डर को जमा कराए।
दिल्ली में भी कई FIR
करीब 200 निवेशकों ने मिलकर एसोसिएशन भी बनाई। गुरुग्राम के सुशांत लोक थाने में भी दिसंबर 2014 में बिल्डर पर एक FIR दर्ज हुई। जिसकी पुलिस ने कैंसिलेशन रिपोर्ट तैयार की तो कोर्ट ने उसे अक्टूबर 2021 में रिजेक्ट कर दिया था। दिल्ली में भी इस तरह निवेशकों ने कई FIR दर्ज कराई हुई थी। ईडी ने जांच की तो आइरियो ग्रुप के खिलाफ करीब 30 FIR दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में सामने आई। जांच आगे बढ़ी तो पाया गया कि निवेशकों के रुपयों को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत विदेश भेजा जा चुका है।
