बिजनेस

युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में निर्यात रुका, खड़े हैं फलों से भरे सैकड़ों ट्रक, ड्राई फ्रूट के आयात पर भी पड़ा असर, बढ़ी कीमतें

India Fruit Export: ईरान और इजराइल-अमेरिका में चल रहे युद्ध का असर भारत में साफ दिख रहा है। महाराष्ट्र के नवी मुंबई एपीएमसी मार्केट के बाहर खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने से तरबूज, खरबूज और पपीता से भरे सैकड़ों ट्रक फंसे हैं। निर्यात रुकने से किसानों और व्यापारियों को नुकसान, जबकि लोकल बाजार में फलों की कीमतें गिर गई हैं। वहीं, ड्राई फ्रूट आयात भी रुका है, जिससे पिस्ता, खजूर और किशमिश की कीमतें 10-15% बढ़ गई है।

Image

खाड़ी देशों में निर्यात रुका, नवी मुंबई एपीएमसी के बाहर फलों से भरे सैकड़ों ट्रक खड़े (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

India Fruit Export: ईरान और इजराइल-अमेरिका में चल रहे युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में फलों के निर्यात पर असर पड़ा है। महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित एपीएमसी मार्केट के बाहर सैकड़ों ट्रक फलों से लदे खड़े हैं। इन ट्रकों में तरबूज, खरबूज और पपीता जैसे फल भरे हुए हैं, जिन्हें खाड़ी देशों में भेजा जाना था। लेकिन मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों और शिपमेंट में आई रुकावटों के कारण निर्यात लगभग ठप हो गया है। इसकी वजह से किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि स्थानीय बाजार में फलों की कीमतें गिर गई हैं। तरबूज, खरबूज और पपीता जैसे फलों की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। दूसरी तरफ, खाड़ी देशों से आने वाले ड्राई फ्रूट के आयात पर भी असर पड़ा है। भारत में रमजान के दौरान सऊदी अरब के खजूर, ईरान के पिस्ता और अफगानिस्तान की किशमिश की बड़ी मांग रहती है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के कारण इन देशों से आने वाले ड्राई फ्रूट की सप्लाई रुक गई है। अरब सागर में कई कंटेनर जहाजों में ड्राई फ्रूट फंसे होने की वजह से स्थानीय बाजार में इनकी उपलब्धता बंद हो गई है। इससे ड्राई फ्रूट की कीमतों में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।

जेएनपीटी पोर्ट पर फंसे कंटेनर, समुद्र में अटके जहाज

निर्यात रुकने की एक बड़ी वजह बंदरगाहों पर कंटेनरों का फंसना भी है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट यानी जेएनपीटी पर फलों से भरे कई कंटेनर अटके हुए हैं, वहीं कई कंटेनर जहाजो में लदे हुए समुद्र में ही रुके पड़े हैं। खाड़ी देशों में माल भेजने की प्रक्रिया बाधित होने के कारण फलों से भरे ट्रक नवी मुंबई के एपीएमसी मार्केट के बाहर लंबी कतार में खड़े हैं। कई व्यापारी और किसान अपने ट्रकों के साथ दो से तीन दिनों से सड़क पर इंतजार कर रहे हैं कि कब हालात सामान्य हों और माल भेजा जा सके।

लोकल मार्केट में फलों की कीमतें गिरीं

निर्यात रुकने का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ा है। पहले जो फल खाड़ी देशों में भेजे जाते थे, अब वही बड़ी मात्रा में स्थानीय बाजार में आ रहे हैं। इससे बाजार में फलों की आवक अचानक बढ़ गई है। नतीजतन तरबूज, खरबूज और पपीता जैसे फलों की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। जहां आम लोगों को सस्ते फल मिल रहे हैं, वहीं व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। कई व्यापारियों का कहना है कि उन्हें फलों की लागत तक नहीं मिल पा रही है। ऐसे में कुछ व्यापारी मजबूरी में खराब होने से पहले ही तरबूज जैसे फल फेंककर चले जा रहे हैं।

रमजान में बढ़ती है भारतीय फलों की मांग

आम तौर पर रमजान के महीने में खाड़ी देशों में भारत के मीठे तरबूज और खरबूज की काफी मांग रहती है। इस बार भी रमजान की शुरुआत में इन फलों के निर्यात के लिए अच्छी मांग थी। लेकिन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण अचानक निर्यात की स्थिति बदल गई। इससे फलों का बड़ा स्टॉक भारत में ही फंस गया है और बाजार का संतुलन बिगड़ गया है।

ड्राई फ्रूट के आयात पर भी पड़ा असर

दूसरी ओर खाड़ी देशों से आने वाले ड्राई फ्रूट के आयात पर भी असर पड़ा है। भारत में रमजान के दौरान सऊदी अरब के खजूर, ईरान के पिस्ता और अफगानिस्तान की किशमिश की काफी मांग होती है। लेकिन मौजूदा हालात के कारण इन देशों से आने वाला ड्राई फ्रूट भी बंद हो गया है। अरब सागर में ड्राई फ्रूट से भरे कई कंटेनर जहाजा में ही फंसे हुए हैं, जिससे स्थानीय बाजार में इनकी सप्लाई रुक गई है।

ड्राई फ्रूट की कीमतों में बढ़ोतरी

ड्राई फ्रूट की आवक बंद होने का असर कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। व्यापारियों के मुताबिक बाजार में पिस्ता, खजूर और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट की कीमतों में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। यानी एक तरफ फलों की कीमतें गिर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ड्राई फ्रूट महंगे होते जा रहे हैं। इस स्थिति से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर भारत के बाजार और व्यापार पर पड़ रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

End of Article