ईरान संकट के चलते ईंधन महंगा होने का असर अब दिखाई देने लगा है। देश में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। जून महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो खुदरा के बाद थोक महंगाई में भी उछाल आया है। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाने-पीने की चीजों, मिनरल ऑयल, बेसिक मेटल्स और केमिकल व केमिकल उत्पादों की कीमतें बढ़ने के कारण भारत में थोक महंगाई दर मई के 9.68 प्रतिशत से बढ़कर जून में 9.87 प्रतिशत हो गई। यह अर्थशास्त्रियों के 9.15% के अनुमान से ज्यादा है। ऐसा खाद्य पदार्थों, मिनरल ऑयल, बेसिक मेटल्स और केमिकल्स की कीमतें बढ़ने की वजह से हुआ, जिससे थोक कीमतें बढ़ गईं।
जून में सभी कमोडिटीज के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) 110.2 रहा, जबकि मई में यह 109.9 था। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया कि जून में WPI महंगाई दर सालाना आधार पर 9.87 प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह 9.68 प्रतिशत थी। थोक महंगाई दर में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही सरकारी आंकड़ों से पता चला था कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से मापी जाने वाली खुदरा महंगाई दर मई के 3.93 प्रतिशत से बढ़कर जून में 4.38 प्रतिशत हो गई है। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के तहत खाद्य महंगाई दर जून में 5.32 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 4.78 प्रतिशत थी।
कहां कितनी बढ़ी महंगाई
WPI के मुख्य ग्रुप्स में, प्राइमरी आर्टिकल्स (प्राथमिक वस्तुओं) में महंगाई दर मई के 4.99 प्रतिशत से बढ़कर जून में 7.0 प्रतिशत हो गई। प्राइमरी आर्टिकल्स का इंडेक्स पिछले महीने के 113.7 से बढ़कर 116.1 हो गया। फूड आर्टिकल्स (खाद्य वस्तुओं) में महंगाई दर मई के 3.6 प्रतिशत से बढ़कर जून में 5.49 प्रतिशत हो गई, जबकि नॉन-फूड आर्टिकल्स (गैर-खाद्य वस्तुओं) में महंगाई दर 9.49 प्रतिशत से बढ़कर 11.07 प्रतिशत हो गई।
ईंधन और बिजली की महंगाई ऊंचे स्तर पर
जून में फ्यूल और पावर (ईंधन और बिजली) में महंगाई दर 27.41 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बनी रही, हालांकि यह मई के 30.33 प्रतिशत से कम हुई। इस ग्रुप में, मिनरल ऑयल्स (खनिज तेल) में महंगाई दर जून में 46.48 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 49.82 प्रतिशत थी। क्रूड पेट्रोलियम और नेचुरल गैस में महंगाई दर 61.51 प्रतिशत से घटकर 34.75 प्रतिशत हो गई, जबकि बिजली के मामले में महंगाई दर 0.76 प्रतिशत के साथ डिफ्लेशन (मूल्य में गिरावट) की स्थिति में बनी रही। मंत्रालय ने कहा कि जून में WPI महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह मिनरल ऑयल, खाने-पीने की चीजें, बेसिक मेटल का प्रोडक्शन और केमिकल व केमिकल प्रोडक्ट का प्रोडक्शन था।
