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गोल्ड ईटीएफ में आए 103 करोड़ रुपये, निवेश के लिए माना जाता है सेफ ऑप्शन

Gold Exchange-Traded Fund (ETF): एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में गोल्ड-ईटीएफ में 124 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था, जबकि उससे पहले मार्च में गोल्ड ईटीएफ में से 266 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी।

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गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • गोल्ड ईटीएफ में 103 करोड़ रु का निवेश
  • मुनाफावसूली के कारण गोल्ड ईटीएफ में निवेश घटा
  • अप्रैल में आए थे 124 करोड़ रु

Gold Exchange-Traded Fund (ETF): गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में मई में 103 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। अनिश्चितता के दौर में निवेशक सोने को निवेश का सुरक्षित ऑप्शन मान रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले अप्रैल में गोल्ड-ईटीएफ में 124 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था, जबकि उससे पहले मार्च में गोल्ड ईटीएफ में से 266 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी।

क्यों घटा निवेश

विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल की तुलना मई में गोल्ड ईटीएफ में थोड़ा कम निवेश होने का कारण मुनाफावसूली है। मुनाफावसूली यानी रेट बढ़ने पर प्रॉफिट कमाने के लिए निवेशकों की तरफ से की गई बिकवाली।

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एनालिस्ट मेल्विन संतारिता ने कहा अमेरिकी सरकार के डेब्ट सीमा बढ़ाने के संबंध में सकारात्मक खबरों के कारण मई के दूसरे पखवाड़े (अंतिम 15 दिनों में) में सोने की कीमत अपने उच्चस्तर से नीचे आ गई। इस कारण निवेशकों को खरीदारी के कुछ मौके मिले।

गोल्ड ईटीएफ एयूएम में हुआ इजाफा

संतारिता ने कहा है कि कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली करने या जोखिम लेने का विकल्प चुना, हालांकि सोने की कीमतें अभी भी उच्चस्तर पर बनी हुई हैं। मई के अंत में गोल्ड-ईटीएफ की एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़ कर 23,128 करोड़ रुपये हो गईं, जो अप्रैल के अंत में 22,950 करोड़ रुपये थीं।

क्या होता है गोल्ड ईटीएफ

सोने में निवेश करने के लिए गोल्ड ईटीएफ एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। गोल्ड ईटीएफ म्यूचुअल फंड ही होता है। गोल्ड ईटीएफ भी सोने के रेट पर ऊपर-नीचे होता है। गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद रहती है।

गोल्ड ईटीएफ इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होते हैं। आपको इसमें सोने की शुद्धता को लेकर चिंता नहीं रहेगी। फिजिकल गोल्ड के मुकाबले गोल्ड ईटीएफ को जल्दी और बाजार के मौजूदा रेट पर बेचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर : म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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