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भारत की 'रफ्तार' बरकरार, SBI रिसर्च के मुताबिक 6.6% रहेगी देश की GDP ग्रोथ रेट

SBI रिसर्च ने कहा कि 2025-26 की चौथी तिमाही में GDP दर 7.2% के करीब रहने की उम्मीद है। वहीं 2026-27 में GDP दर 6.6% रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी दर 7.5% रहने की उम्मीद है।

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भारतीय अर्थव्यवस्था

ईरान संकट के बीच भारत की ग्रोथ बरकरार है। SBI रिसर्च के मुताबिक देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल के समय में बाह्य तत्वों और अनियंत्रित सट्टेबाजी के कारण रुपये के मूल्य में काफी गिरावट आई है। इसके लिए भुगतान संतुलन के मोर्चे पर संरचनात्मक बदलावों की आवश्यकता है। इसमें आयात प्रतिस्थापन, निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एकीकरण के सुरक्षा उपायों को व्यवस्थित करना शामिल है। पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95 प्रति डॉलर का आंकड़ा पार कर गया है।

कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार

एसबीआई रिसर्च ने कहा कि भुगतान संतुलन (बीओपी) की समस्या से निपटने के लिए नीतियों के स्तर पर एक व्यापक पैकेज लागू करने की अब जरूरत है। इस मामले में प्रवासी बॉन्ड यानी विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए बॉन्ड जारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर से ऊपर रहने और परिवहन एवं बीमा लागत में भारी वृद्धि के कारण देश की वृहद आर्थिक बुनियाद पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भुगतान संतुलन की स्थिति को सुधारने के लिए उपाय करना आवश्यक है।

रुपया गिरने का बहुत बुरा असर

रिपोर्ट कहती है कि अगर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95 के स्तर पर है, तो अर्थव्यवस्था का आकार घटकर 4,040 अरब डॉलर हो जाएगा और 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना वित्त वर्ष 2029-30 में ही साकार हो पाएगा। एसबीआई रिसर्च के अनुसार, भले ही कभी-कभार ही सही रुपये में तेज गिरावट और अत्यधिक अस्थिरता निवेशकों के भरोसे को कम कर सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया, विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए बॉन्ड को पूंजी, रिटर्न, अवधि और परिपक्वता के साथ कर-अनुकूल व्यवहार के संदर्भ में उचित रूप से समायोजित किया जाना चाहिए। एसबीआई रिसर्च का यह सुझाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेशी मुद्रा बचाने, ईंधन का सूझबूझ के साथ उपयोग करने, सोने की खरीद स्थगित करने और एक वर्ष के लिए विदेश यात्रा टालने की आवश्यकता बताये जाने के बाद आया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक आयात से पूरा करता है।

ईरान संकट से घटेगी भारत की वृद्धि दर: बीएमआई

ईरान युद्ध से तेल कीमतों में बढ़ोतरी और आर्थिक गति के कमजोर पड़ने के कारण चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 2025-26 में 7.7 प्रतिशत थी। फिच समूह की इकाई बीएमआई ने यह बात कही। बीएमआई की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान-अमेरिका संघर्ष के और बढ़ने की आशंका उसके वृद्धि अनुमान के लिए नकारात्मक जोखिम पैदा करती है। ऐसे में भारत को रक्षा खर्च, ईंधन कीमतों और राजकोषीय स्थिति के बीच तालमेल बैठाना होगा।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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