JHS Svendgaard Retail Ventures Share Price: महज कुछ दिन पहले 52 वीक लो के आसपास कारोबार कर रहा JHS Svendgaard Retail Ventures का शेयर अब अचानक रॉकेट बन गया है। NSE पर RETAIL शेयर 30 सितंबर, 2026 को ₹31.76 तक पहुंच गया। 24 सितंबर के ₹16.72 के मुकाबले यह करीब 90% की छलांग है। यानी सिर्फ कुछ कारोबारी सत्रों में शेयर लगभग दोगुना हो गया। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी कंपनी के किसी बड़े मौजूदा रिटेल कारोबार या शानदार रिजल्ट के कारण नहीं आई है। बल्कि, बाजार में चल रही चर्चाओं के आधार पर है।
पांच दिन में डबल हुआ शेयर
JHS Svendgaard Retail Ventures में तेजी कितनी रही, इसका अंदाजा भाव से लगाया जा सकता है। महज पांच दिन में शेयर ₹16.72 से ₹31.76 पर पहुंच गया है। यानी करीब 90% का उछाल आया है।
| तारीख | शेयर का भाव (₹) | एक दिन में बदलाव |
|---|---|---|
| 24 सितंबर 2026 | 16.72 | -3.07% |
| 25 सितंबर 2026 | 20.06 | +19.98% |
| 28 सितंबर 2026 | 24.07 | +19.99% |
| 29 सितंबर 2026 | 28.88 | +19.98% |
| 30 सितंबर 2026 | 31.76 | +9.97% |
| 24 से 30 सितंबर | 16.72 → 31.76 | करीब +90% |
बोर्ड बैठक में क्या हुआ की शेयर को लगे पंख?
इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा ट्रिगर 24 सितंबर, 2026 की बोर्ड मीटिंग है। कंपनी ने उस बैठक में मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (AoA) में बदलाव को मंजूरी दी। इसका मकसद कंपनी के बिजनेस स्कोप को बढ़ाना और नए क्षेत्रों में कारोबार शुरू करने का रास्ता खोलना है। उपलब्ध कंपनी फाइलिंग के आधार पर नए प्रस्ताव में Defence, Aerospace और Cybersecurity से जुड़े कारोबार को जगह देने की दिशा में बदलाव किया गया है। यहीं से निवेशकों ने इस छोटे शेयर में अचानक दिलचस्पी दिखाना शुरू किया है। इस खबर से पहले 24 सितंबर को शेयर ₹16.72 पर बंद हुआ था। उसके बाद अगले तीन कारोबारी सत्रों में करीब 20%-20%-20% की छलांग देखने को मिली। 30 सितंबर को ₹31.76 का भाव इस रैली को नई ऊंचाई पर ले गया।
क्यों सिर्फ कयासबाजी पर चल रहा काम?
बाजार में खबर है कि कंपनी अब Defence, Aerospace, Surveillance और Cybersecurity जैसे नए क्षेत्रों में उतरने की तैयारी में है। इसकी वजह से ही इस छोटे शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इस कहानी का दूसरा पहलू भी है। कंपनी ने अभी कोई बड़ा डिफेंस ऑर्डर हासिल नहीं किया है। इसके अलावा कंपनी के पास इन सेक्टर में काम करने की कोई विशेषज्ञता भी नहीं है। फिलहाल बोर्ड ने कंपनी के बिजनेस ऑब्जेक्ट में बदलाव का प्रस्ताव मंजूर किया है और इसके लिए फिलहाल शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। इसलिए मौजूदा रैली में भविष्य की उम्मीद और मार्केट सेंटिमेंट की भूमिका ज्यादा दिखाई देती है, जबकि वास्तविक ट्रिगर कोई नहीं है।
क्या करती है कंपनी?
JHS Svendgaard Retail Ventures का मौजूदा कारोबार डिफेंस से दूर तक भी नहीं जुड़ा है। कंपनी का मूल कारोबार ऑर्गेनाइज्ड रिटेल स्टोर्स से जुड़ा है। यह एयरपोर्ट, हाई स्ट्रीट और दूसरे हाई फुटफाल लोकेशन पर रिटेल ऑपरेशन करती है और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ मैनपावर, पेरोल मैनेजमेंट जैसी सेवाएं भी देती है। वहीं, आकार के हिसाब से देखें, तो यह Micro cap साइज की कंपनी है। 29 सितंबर के ₹28.88 भाव पर इसका कुल मार्केट कैप ₹24 करोड़ के आसपास था। इसके अलावा यह लो लिक्विडिटी स्टॉक भी है। लिहाजा, कम मात्रा में भी कारोबार होता है, तो शेयर प्राइस तेजी से ऊपर बढ़ जाता है।
फंडामेंटल में कितना दम?
JHS Svendgaard Retail Ventures की वित्तीय सेहत की तस्वीर देखें, तो कंपनी के पास कोई अर्निंग ग्रोथ नहीं है। जून 2026 तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड सेल्स करीब ₹4.02 करोड़ रही। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹0.80 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹0.14 करोड़ रहा। वहीं, पिछले 12 महीने की सेल्स करीब ₹16.90 करोड़ है, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹2.73 करोड़ रहा है। इस दौरान कंपनी की अन्य स्रोतों से इनकम ₹6.08 करोड़ है और नेट प्रॉफिट ₹0.18 करोड़ रहा है। यानी कंपनी का कोर बिजनेस खास नहीं चल रहा है। इसका मतलब साफ है कि शेयर में मौजूदा तेजी सिर्फ कयासबाजी का खेल हो सकती है।
एक साल के स्तर पर नेगेटिव जोन में शेयर
5 दिन में 90% की रैली के बावजूद यह शेयर अपने पुराने स्तर से पूरी तरह बाहर नहीं निकला है। 29, सितंबर 2025 को शेयर करीब ₹35.24 पर बंद हुआ था। 30 सितंबर 2026 के ₹31.76 भाव के हिसाब से शेयर अभी भी उस स्तर से करीब 10% नीचे है। उपलब्ध डेटा में 52-week high ₹36.54 के आसपास रहा है। यानी एक तरफ पांच दिन में करीब 90% की धमाकेदार रैली है, वहीं दूसरी तरफ स्टॉक अब भी अपने पिछले साल के प्राइस जोन के आसपास ही है।
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