केंद्र सरकार ने शनिवार को जानकारी दी कि भारत भर में 625 उड़ान मार्गों का संचालन शुरू हो चुका है। इन मार्गों से 90 हवाई अड्डे आपस में जुड़े हैं और 1.49 करोड़ से अधिक यात्रियों को किफायती हवाई यात्रा का लाभ मिला है। 2014 में जहां देश में 74 हवाई अड्डे थे, वहीं अब 2024 में यह संख्या बढ़कर 159 हो गई है। इस बढ़ोतरी ने देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों को भी हवाई यात्रा से जोड़ दिया है।
आर्थिक विकास में उड़ान योजना का बड़ा योगदान
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, उड़ान योजना ने न केवल क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहित किया है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच भी सुनिश्चित की है। अब छोटे शहरों से भी नागरिक सरलता से बड़े शहरों तक आ-जा सकते हैं।
क्या है उड़ान योजना?
'उड़ान' (Ude Desh ka Aam Nagrik) योजना 2016 में राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति (NCAP) के तहत शुरू की गई थी। इसका मकसद टियर-2 और टियर-3 शहरों को किफायती हवाई यात्रा के माध्यम से जोड़ना और एयरलाइंस को रियायत व व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) के जरिए प्रोत्साहित करना है।
उड़ान बना बदलाव का प्रतीक
मंत्रालय ने कहा, "उड़ान केवल एक योजना नहीं बल्कि एक क्रांतिकारी आंदोलन है, जिसने भारत में विमानन को नए मायनों में परिभाषित किया है। इस पहल ने ना केवल नए हवाई अड्डे बनाए बल्कि स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा दिया।"
(आईएएनएस इनपुट के साथ)
