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रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा भारत का API मार्केट, 2030 तक 22 अरब डॉलर का होगा: रिपोर्ट

India's API Market: प्रैक्सिस ग्लोबल एलायंस में फार्मा और लाइफसाइंसेज के मैनेजिंग पार्टनर मधुर सिंघल ने कहा कि भारत डब्ल्यूएचओ की प्रीक्वालिफाइड सूची में 57 प्रतिशत एपीआई का योगदान देता है। एपीआई बाजार 2024 में 18 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 22 अरब डॉलर होने की उम्मीद है, जो 8.3 प्रतिशत की सालाना बढ़त को दिखाता है।

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API Market (image-Istock)

India's API Market: भारत का एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (एपीआई) मार्केट का आकार 2030 तक बढ़कर 22 अरब डॉलर होने का अनुमान है। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई। मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म प्रैक्सिस ग्लोबल एलायंस की रिपोर्ट में कहा गया कि देश का एपीआई मार्केट 8.3 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है।

एपीआई दवाओं में जैविक रूप से सक्रिय घटक हैं जो औषधीय गतिविधि या रोग उपचार में प्रत्यक्ष प्रभाव प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए क्रोसिन जैसी सामान्य दवाओं में पेरासिटामोल एपीआई के रूप में कार्य करता है, जो दवा के दर्द निवारक गुणों के लिए सीधे जिम्मेदार होता है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा एपीआई उत्पादक है और बाजार हिस्सेदारी 8 प्रतिशत की है। देश में 500 से ज्यादा अलग-अलग तरह के एपीआई मैन्युफैक्चर किए जाते हैं।

प्रैक्सिस ग्लोबल एलायंस में फार्मा और लाइफसाइंसेज के मैनेजिंग पार्टनर मधुर सिंघल ने कहा कि भारत डब्ल्यूएचओ की प्रीक्वालिफाइड सूची में 57 प्रतिशत एपीआई का योगदान देता है। एपीआई बाजार 2024 में 18 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 22 अरब डॉलर होने की उम्मीद है, जो 8.3 प्रतिशत की सालाना बढ़त को दिखाता है।

एपीआई भारत के फार्मास्युटिकल बाजार के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। इस सेक्टर की वैल्यू में एपीआई का योगदान लगभग 35 प्रतिशत का है। सिंघल ने आगे कहा, "दवाओं को बनाने की लागत का औसत 40 प्रतिशत हिस्सा एपीआई ही होता है। हालांकि बाजार की स्थितियों के आधार पर यह आंकड़ा 70-80 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।"

सरकार की ओर से फर्मा सेक्टर को बढ़ाने के लिए कई स्कीमें चलाई जा रही हैं। इसमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम (2020-30), प्रमोशन ऑफ बल्क ड्रग पार्क (2020-25) स्कीम, फार्मास्युटिकल के लिए पीएलआई स्कीम (2020-29) स्कीम शामिल है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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