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Pet Insurance: भारतीय पालतू पशु बीमा बाजार में तेजी! भारत हर साल 600000 पालतू जानवरों को ले रहा है गोद

Pet Insurance: भारत में पालतू जानवरों की देखभाल का बाजार करीब 14 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और 2025 तक इसके 6,500 करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद है। भारत में हर साल 6,00,000 पालतू जानवरों को गोद लिया जाता है, जिनमें से 63 प्रतिशत कुत्ते और 37 प्रतिशत बिल्लियां होती हैं।

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भारत में पशुओं के लिए बीमा आई तेजी (तस्वीर- Canva)

Pet Insurance: भारत में पालतू जानवरों की देखभाल का बाजार करीब 14 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और 2025 तक इसके 6,500 करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद है। बीमा कंपनियां इस क्षेत्र में हिस्सेदारी लेने के लिए भरसक प्रयास कर रही हैं। उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि बीमा कंपनियां पालतू जानवरों को गोद लेने की बढ़ती दर और इनकी सुरक्षा के लिए चिकित्सकीय उपचार की बढ़ती लागत को पूरा करने के लिए विशेष योजनाओं के साथ इस तेजी से विकसित हो रहे बाजार की जरूरतें पूरी करने की कोशिश कर रही हैं।

फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस के मुख्य वितरण अधिकारी रमित गोयल ने कहा कि हालांकि भारत में पालतू जानवरों का बीमा उत्पाद कुछ वर्ष पहले ही अस्तित्व में आया लेकिन वैश्विक महामारी के बाद पिछले कुछ वर्षों में इसमें उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसमें पालतू जानवरों को गोद लेने में वृद्धि और इनके प्रति स्नेह के कारण ऐसी बीमा पेशकशों की मांग में वृद्धि हुई है। भारत को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते पालतू पशु बाजारों में से एक माना जाता है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर करीब 14 प्रतिशत है। देश के पालतू पशु देखभाल बाजार के 2025 तक 80 लाख अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।

गोयल ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार भारत में पालतू पशुओं खासकर कुत्तों के लिए बीमा कराने की काफी संभावनाएं हैं। यह वृद्धि पालतू जानवरों की देखभाल की जिम्मेदारियों तथा पशु चिकित्सा लागत में वृद्धि के बारे में बढ़ती जागरूकता की वजह से है। बीमाकर्ता इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए विशेष उत्पाद बना रहे हैं।

बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) टीए रामलिंगम ने कहा कि पालतू जानवरों को अधिक गोद लेने और उन्हें परिवार का सदस्य समझना पालतू जानवर के बीमा के प्रति बढ़ती जागरूकता तथा मांग को बढ़ावा दे रहा है।

एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के निदेशक एवं मुख्य कारोबार अधिकारी पार्थनील घोष ने कहा कि पालतू जानवरों के बीमा की जरूरत और आपात स्थितियों में इस उत्पाद से मिलने वाले फायदों के बारे में जागरूकता की काफी कमी है। इस उत्पाद के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कंपनी की पहल में से एक थी। ऐप पर पालतू जानवरों के परिवेश तंत्र को समर्पित एक विकल्प देना।

बताया जाता है कि भारत में हर साल 6,00,000 पालतू जानवरों को गोद लिया जाता है, जिनमें से 63 प्रतिशत कुत्ते और 37 प्रतिशत बिल्लियां होती हैं। (भाषा)

TNN Business Desk
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