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RBI Governor: भारत का दुनिया की ग्रोथ में 18.5 फीसदी योगदान, RBI गवर्नर बोले- जीएसटी जैसे सुधारों का असर

RBI Governor: आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत के आर्थिक विकास की गति मजबूत बनी हुई है और यह आने वाले महीनों में और मजबूत होगी और देश 8 प्रतिशत की विकास दर पाने के रास्ते पर स्थिर गति से बढ़ रहा है।

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आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (फाइल फोटो)

Photo : Times Now Digital

RBI Governor:आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बाद भी भारत तेज गति से आर्थिक विकास कर रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में वैश्विक ग्रोथ में भारत का योगदान 18.5 प्रतिशत का रहा है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि 7 से 8 वर्ष पहले यह काफी कम थी।भारत की जीडीपी स्थिर रूप से 8 प्रतिशत की विकास दर की तरफ बढ़ रही है। इसकी वजह अहम आर्थिक सुधार जैसे जीएसटी का होना है।बॉम्बे चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की 188वीं एजीएम (एनुअल जनरल मीटिंग) में दास ने कहा कि पिछले तीन वर्ष में भारत की औसत जीडीपी वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत रही है। इस वर्ष जीडीपी के 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

निजी सेक्टर का निवेश बढ़ा

आगे कहा कि भारत के आर्थिक विकास की गति मजबूत बनी हुई है और यह आने वाले महीनों में और मजबूत होगी और देश 8 प्रतिशत की विकास दर पाने के रास्ते पर स्थिर गति से बढ़ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर ने कहा कि निजी सेक्टर की ओर से पूंजीगत व्यय बढ़ रहा है और आगे इसके और तेज होने की उम्मीद है। इससे ग्रोथ को और सहारा मिलेगा।उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बाद भी भारत तेज गति से आर्थिक विकास कर रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में वैश्विक ग्रोथ में भारत का योगदान 18.5 प्रतिशत का रहा है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि 7 से 8 वर्ष पहले यह काफी कम थी।

इन सुधारों ने दिया बूस्ट

वृद्धि दर बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बड़े आर्थिक सुधार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी), दिवाला और दिवालियापन संहिता का आना है।

उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी 1947 के बाद देश के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में से एक है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसने काफी सारे टैक्स को खत्म कर दिया और वस्तुओं और सेवाओं पर केवल एक ही टैक्स लगता है। हर महीने करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये से लेकर 1.7 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हो रहा है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि तेज आर्थिक वृद्धि दर के कारण भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अर्थव्यवस्था रैंकिंग में भारत फिलहाल पांचवें नंबर पर है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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