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डॉलर के मुकाबले इंडियन करेंसी 95 पर, वित्त मंत्री बोलीं, अर्थव्यवस्था मजबूत, रुपया ‘बिलकुल ठीक’

डॉलर के मुकाबले करेंसी एक्सचेंज कारोबार में भारतीय रुपये की स्पॉट प्राइस पहली बार 95 पहुंच गई। वहीं, रुपये में जारी कमजोरी पर ब्रेक लगाने को RBI ने बैंकों के डॉलर रखने की लिमिट में भी बदलाव किया है। हालांकि, इस बीच संसद में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और रुपया भी ठीक है।

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वित्त मंत्री ने रुपये की गिरावट पर कहा, चिंता की बात नहीं

Rupee vs Dollar: रुपये में हालिया कमजोरी के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और घबराने की जरूरत नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार 30 मार्च को लोकसभा में कहा कि अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में रुपया “बिलकुल ठीक” प्रदर्शन कर रहा है। उनका यह बयान तब आया है, जब रुपया डॉलर के मुकाबले इंट्रा डे कारोबार में 95.20 तक फिसल गया।

वित्त मंत्री ने क्या कहा?

लोकसभा में रुपये की गिरावट को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है, हमारी फिस्कल स्थिति मजबूत है और पूरी दुनिया हमारे फिस्कल डेफिसिट मैनेजमेंट की सराहना कर रही है। हमारे फॉरेक्स रिजर्व भी मजबूत हैं।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में रुपया ठीक चल रहा है… बिलकुल ठीक चल रहा है।”

स्थिति नियंत्रण में

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए वेस्ट एशिया संघर्ष के बाद रुपया करीब 4.1% गिरकर 27 मार्च 2026 को 94.82 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि वित्त मंत्री ने इसे वैश्विक ट्रेंड बताया और कहा कि यह कमजोरी केवल रुपये तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरियाई वॉन, थाई बाहट और फिलीपीन पेसो जैसी मुद्राओं में भी रुपये से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। इससे संकेत मिलता है कि दबाव व्यापक वैश्विक कारकों का परिणाम है।

मजबूत फंडामेंटल्स का भरोसा

सीतारमण ने जोर देकर कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। सरकार का फिस्कल डेफिसिट मैनेजमेंट वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत स्थिति में है। उनका कहना था कि इन फैक्टर्स के चलते रुपये में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता बनी हुई है।

रुपये की वैल्यू बाजार तय करता है

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि रुपये की कीमत बाजार आधारित होती है और कई घरेलू व वैश्विक कारकों से प्रभावित होती है। सरकार और RBI लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

महंगाई में बड़ी राहत

सरकार के अनुसार महंगाई के मोर्चे पर भी स्थिति सुधरी है। 2020-21 में औसत रिटेल महंगाई 6.2% थी, जो 2024-25 में घटकर 4.6% और 2025-26 (अप्रैल-फरवरी) में 1.9% तक आ गई है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें या तो स्थिर हैं या गिरावट के रुझान में हैं।

चालू वित्त वर्ष में 9.9% गिरा रुपया

हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में (27 मार्च तक) रुपया डॉलर के मुकाबले 9.9% कमजोर हुआ है। इसके बावजूद सरकार का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच यह गिरावट नियंत्रित दायरे में है। रुपये में गिरावट को लेकर चिंता जरूर है, लेकिन सरकार का रुख स्पष्ट है कि यह वैश्विक कारकों का असर है, न कि घरेलू कमजोरी का संकेत। मजबूत फंडामेंटल्स, घटती महंगाई और स्थिर फिस्कल मैनेजमेंट भारत को अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर स्थिति में रखते हैं।

Rupee vs USD

डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा रुपया

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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