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India-US Trade Deal से टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और केमिकल शेयरों में तूफानी तेजी की उम्मीद

India-US Trade Deal Stocks: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत टैरिफ 50% से घटकर 18% होने से टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, फिशरीज और केमिकल सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है। एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद।

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भारत अमेरिका ट्रेड डील से इन स्टॉक्स में तेजी संभव

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता आखिरकार समझौते पर पहुंच गई है और भारतीय निर्यात पर लगने वाला टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे उन सेक्टरों में नई उम्मीद जगी है जिनकी अमेरिकी बाजार पर मजबूत निर्भरता है। खास तौर पर टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, फिशरीज और केमिकल सेक्टर के शेयरों में 3 फरवरी के कारोबार में जोरदार हलचल देखने को मिल सकती है।

टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर को बड़ी राहत

अमेरिका भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात का प्रमुख बाजार है और सेक्टर के कुल निर्यात का करीब 32% हिस्सा अमेरिका जाता है। 50% टैरिफ लागू होने के बाद इस सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट आई थी क्योंकि कंपनियों की कमाई पर सीधा असर पड़ा। अब टैरिफ घटकर 18% होने से भारतीय निर्यात फिर से प्रतिस्पर्धी बन सकता है, खासकर तब जब एशियाई प्रतिद्वंद्वी देशों पर समान या अधिक टैरिफ लागू हैं। Gokaldas Exports, Arvind, KPR Mill, Welspun Living, Indo Count Industries और Rajesh Exports जैसे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी लौट सकती है।

कंपनीUS से रेवेन्यू (%)
Gokaldas Exports70%
Indo Count Industries70%
Welspun Living65%
Pearl Global50%
Arvind30%
KPR Mill21%

श्रिम्प और फिशरीज कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत

भारतीय श्रिम्प निर्यात का करीब 48% हिस्सा अमेरिकी बाजार में जाता है। ऊंचे टैरिफ के चलते एक्सपोर्ट वॉल्यूम पर दबाव बना हुआ था और कंपनियां यूरोप व अन्य बाजारों की तरफ रुख कर रही थीं। अब टैरिफ में राहत से Avanti Feeds, Coastal Corporation और Apex Frozen Foods जैसी कंपनियों की मांग में सुधार देखने को मिल सकता है और इस सेक्टर के शेयर बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

कंपनीUS से रेवेन्यू (%)
Avanti Feeds~48% (उद्योग औसत)
Apex Frozen Foods~48% (उद्योग औसत)
Coastal Corporation~48% (उद्योग औसत)

जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को मिल सकती है नई जान

जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री भी टैरिफ झटके से बुरी तरह प्रभावित हुई थी। अमेरिकी बाजार से डायमंड पॉलिशिंग कंपनियों की लगभग 25% कमाई आती है। वहीं प्राकृतिक हीरों की कमजोर मांग और लैब-ग्रोउन डायमंड की बढ़ती लोकप्रियता ने भी दबाव बढ़ाया। टैरिफ बढ़ने से कंपनियों को अतिरिक्त लागत खुद उठानी पड़ रही थी, जिससे मार्जिन पर असर पड़ा और वर्किंग कैपिटल साइकल भी लंबा हुआ। अब टैरिफ घटने से सेक्टर में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद बन रही है। अमेरिका में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही Titan जैसी कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है।

कंपनीUS से रेवेन्यू (%)
Titan (ज्वेलरी बिजनेस सहित)~25% (सेक्टर एक्सपोजर)
Rajesh Exports~25% (सेक्टर औसत)
अन्य डायमंड एक्सपोर्टर~25%

केमिकल और अन्य एक्सपोर्ट सेक्टर को भी फायदा

टैरिफ राहत से केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की उन कंपनियों को भी फायदा मिल सकता है जिनकी अमेरिकी बाजार में मजबूत हिस्सेदारी है। एक्सपोर्ट लागत घटने से ऑर्डर फ्लो और मार्जिन दोनों में सुधार संभव है।

कंपनीUS से रेवेन्यू (%)
SRF20–30% (अनुमानित रेंज)
Navin Fluorine25–35% (अनुमानित रेंज)
PI Industries20–30% (अनुमानित रेंज)

सबसे ज्यादा US एक्सपोजर वाले शेयर

ट्रेड डील के बाद जिन कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है, वे वही हैं जिनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है। उपलब्ध सेक्टर डेटा और कंपनी डिस्क्लोजर के आधार पर उच्च US एक्सपोजर वाले प्रमुख शेयर इस प्रकार हैं

रैंककंपनीसेक्टरUS से रेवेन्यू (%)
1Gokaldas Exportsटेक्सटाइल/गारमेंट~70%
2Indo Count Industriesहोम टेक्सटाइल~70%
3Welspun Livingहोम टेक्सटाइल~65%
4Pearl Global Industriesअपैरल एक्सपोर्ट~50%
5Avanti Feedsश्रिम्प एक्सपोर्ट~48%
6Apex Frozen Foodsश्रिम्प एक्सपोर्ट~48%
7Coastal Corporationसीफूड एक्सपोर्ट~45–48%
8Arvind Ltdटेक्सटाइल/अपैरल~30%
9KPR Millटेक्सटाइल/यार्न/गारमेंट~21%
10Rajesh Exportsजेम्स & ज्वेलरी~25%
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Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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