2025 में टैक्स व्यवस्था में हुआ बदलाव, नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से होगा लागू
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Dec 25, 2025, 03:16 PM IST
India Tax Reforms 2025: भारत सरकार ने 2025 में टैक्स ढांचे में बड़े सुधार किए, जिनमें जीएसटी दरों में भारी कटौती और इनकम टैक्स छूट बढ़ाना शामिल है। इनका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच घरेलू मांग और विकास को बढ़ावा देना है। नया सरलीकृत इनकम टैक्स एक्ट 2025, एक अप्रैल 2026 से लागू होगा।
2025 में कर सुधार: अब अगला फोकस सीमा शुल्क पर (तस्वीर-istock)
India Tax Reforms 2025 : भारत सरकार ने 2025 में अपने टैक्स ढांचे में बड़े और व्यापक सुधार किए। इसमें जीएसटी दरों में भारी कटौती और इनकम टैक्स में छूट बढ़ाना शामिल रहा। इन सुधारों का मकसद कठिन वैश्विक आर्थिक हालात के बीच देश की मांग को बढ़ाना और आर्थिक वृद्धि को सहारा देना था। एक अप्रैल 2026 से नया सरलीकृत इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा। यह करीब 60 साल पुराने इनकम टैक्स अधिनियम 1961 की जगह लेगा। इसके अलावा सरकार ने सिगरेट पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर जीएसटी के ऊपर अतिरिक्त शुल्क लगाने के लिए दो नए कानून भी पेश किए हैं, जो तय तारीख से लागू होंगे।
जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक 22 सितंबर से सरकार ने करीब 375 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती की। इससे रोजमर्रा के सामान सस्ते हुए और उल्टी कर संरचना जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान हुआ। साथ ही चार-स्तरीय जीएसटी ढांचे (5%, 12%, 18% और 28%) को घटाकर दो मुख्य दरों 5% और 18% में समेट दिया गया, जिससे टैक्स प्रणाली सरल बनी।
जीएसटी संग्रह पर असर
दर कटौती के कारण जीएसटी राजस्व पर कुछ दबाव देखा गया। अप्रैल में जीएसटी संग्रह रिकॉर्ड 2.37 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में औसत संग्रह 1.9 लाख करोड़ रुपये रहा। नवंबर में जीएसटी संग्रह घटकर 1.70 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो सालाना आधार पर सिर्फ 0.7% की मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है।
इनकम टैक्स छूट से मिडिल क्लास को राहत
सरकार ने इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर मध्यम आय वर्ग को राहत दी। इससे लोगों के हाथ में ज्यादा खर्च करने लायक पैसा आया, जिससे उपभोग बढ़ने की उम्मीद है। यह कदम स्वैच्छिक कर अनुपालन को भी मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
अब सीमा शुल्क सुधार पर नजर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अब सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य सीमा शुल्क का सरलीकरण होगा। इनकम टैक्स की तरह ‘फेसलेस असेसमेंट’ जैसी पारदर्शी प्रक्रियाएं सीमा शुल्क में लागू करने और शुल्क दरों को तर्कसंगत बनाने पर जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
डेलॉयट इंडिया के महेश जयसिंह के अनुसार, बदलते व्यापार, बढ़ती अनुपालन लागत और जटिल प्रक्रियाएं सीमा शुल्क सुधारों की जरूरत को दर्शाती हैं। नांगिया ग्लोबल के राहुल शेखर ने कहा कि सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का पूरी तरह डिजिटलीकरण होना चाहिए, जिससे दस्तावेजीकरण सरल हो, मंजूरी तेज मिले और निवेशकों का भरोसा बढ़े। उन्होंने पुराने सीमा शुल्क विवादों को एकमुश्त निपटाने का सुझाव भी दिया।
आगे की राह
सरकार अब कर सुधारों के अगले चरण की ओर बढ़ रही है, जहां सरलीकरण, पारदर्शिता और व्यापार करने में आसानी को केंद्र में रखा जाएगा।
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