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भारत-यूएई समझौते से सोना आयातकों को राहत, गोल्ड इंपोर्ट लाइसेंस की वैधता 30 सितंबर 2026 तक बढ़ी

Gold Import Quota: भारत सरकार ने United Arab Emirates से सोना आयात करने वाले अधिकृत कारोबारियों के लिए TRQ लाइसेंस की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ा दी है, जिससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।

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भारत-यूएई समझौते के तहत सोना आयातकों को बड़ी राहत

Photo : iStock

Gold Import Quota : भारत और संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) यानी यूएई के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के तहत सोना आयात करने वाले कारोबारियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी सोने के आयात कोटा लाइसेंस की वैधता अब 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है। इससे अधिकृत आयातकों को अपने लाइसेंस का इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब वैश्विक बाजार में सोने की मांग और कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

क्या है भारत-यूएई CEPA समझौता?

भारत और यूएई के बीच मई 2022 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी CEPA लागू हुआ था। India UAE CEPA समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और आयात-निर्यात को आसान बनाना है। इसी समझौते के तहत भारत ने यूएई से हर साल 200 टन तक सोना आयात करने की अनुमति दी है। खास बात यह है कि यह आयात शुल्क दर कोटा (TRQ) के तहत होता है, जिसमें सिर्फ 1 प्रतिशत शुल्क या कुछ मामलों में शुल्क छूट का लाभ मिलता है।

आयातकों को क्या मिलेगा फायदा?

सरकार के इस फैसले से उन आयातकों को राहत मिलेगी जिन्हें पहले जारी लाइसेंस का उपयोग तय समय के भीतर नहीं हो पाया था। अब वे 30 सितंबर तक उसी मंजूरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। अच्छी बात यह है कि इसके लिए उन्हें अलग से कोई आवेदन, संशोधन या अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यानी प्रक्रिया पूरी तरह आसान और स्वत: लागू होगी।

DGFT ने जारी किया नोटिस

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक Directorate General of Foreign Trade (DGFT) ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर इस समयविस्तार की जानकारी दी है। नोटिस में साफ कहा गया है कि यह विस्तार स्वत: लागू होगा और पात्र आयातकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे व्यापारियों को योजना बनाने और बाजार की स्थिति के अनुसार खरीद करने में आसानी होगी।

यूएई से सोने का आयात घटा

आंकड़ों के मुताबिक, यूएई से भारत का सोने का आयात वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 15.4 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 16.83 अरब डॉलर था। यानी इसमें करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इससे पहले के वर्षों में यह लगातार बढ़ता रहा था। वित्त वर्ष 2022-23 में यह 7.64 अरब डॉलर, 2021-22 में 3.08 अरब डॉलर और 2020-21 में 5.9 अरब डॉलर था।

भारत का कुल सोना आयात बढ़ा

भले ही यूएई से आयात में थोड़ी गिरावट आई हो, लेकिन देश का कुल सोना आयात बढ़ा है। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने करीब 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो 2024-25 के 58 अरब डॉलर से 24 प्रतिशत ज्यादा है। इससे साफ है कि देश में सोने की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।

गेहूं निर्यातकों से भी मांगी जानकारी

इसी बीच DGFT ने एक अलग नोटिस में गेहूं के आटा और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यातकों से भी जानकारी मांगी है। सरकार यह जानना चाहती है कि पहले दिए गए निर्यात कोटे का कितना उपयोग हुआ। जिन निर्यातकों ने पूरा कोटा इस्तेमाल नहीं किया है, उनका बचा हुआ हिस्सा दूसरे निर्यातकों को दिया जा सकता है। सरकार का यह कदम व्यापार को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वहीं सोना आयातकों के लिए यह फैसला कारोबार में राहत और अवसर दोनों लेकर आया है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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