केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में देश के निर्यात में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने यह भी कहा कि भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) घरेलू उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन देंगे।
अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में बढ़ा निर्यात
पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, गोयल ने संवाददाताओं से कहा, "इस साल अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में निर्यात में वृद्धि हुई है। पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद घरेलू निर्यातकों में काफी उत्साह है।"
माल भेजने के दूसरे रास्तों का हो रहा इस्तेमाल
पश्चिम एशिया को निर्यात के बारे में उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य चुनौती बना हुआ है, इसलिए माल भेजने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जा रहा है।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत जारी
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "करीब एक सप्ताह पहले हमारी बहुत अच्छी चर्चा हुई थी। हमारा प्रतिनिधिमंडल लौट आया है और बातचीत जारी है।"
करीब 12 अन्य समझौते भी प्रक्रिया में हैं
उन्होंने बताया कि सरकार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ), ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और ओमान के साथ व्यापार समझौते अंतिम रूप दे चुकी है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 12 अन्य समझौते भी प्रक्रिया में हैं। भारत इजराइल, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और कनाडा के साथ भी व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।

Piyush Goyal (Photo: X handle/@PiyushGoyal)
इससे पहले बीते सोमवार को ही भारत और न्यूजीलैंड ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहे। इस एफटीए को लेकर केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा था कि यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके तहत द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच प्राप्त होगी। इस एफटीए को लेकर अगले 15 वर्षों में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश को आकर्षित करने की भी उम्मीद जताई गई है।
