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भारत की बढ़ी वैश्विक पहचान, फाइनेंशिल सर्विस में बना बड़ा केंद्र, दुनिया के टॉप 30 शहरों में मुंबई-दिल्ली और बेंगलुरु

Financial Services: कॉलियर्स रिपोर्ट के अनुसार भारत वैश्विक वित्तीय प्रतिभा केंद्र बन रहा है। मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु दुनिया के शीर्ष वित्तीय सेवा बाजारों में शामिल हुए, जबकि हैदराबाद, पुणे और चेन्नई भी उभर रहे हैं।

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वित्तीय सेवाओं का बड़ा केंद्र बन रहा भारत

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Financial Services : भारत तेजी से दुनिया के प्रमुख वित्तीय सेवा (फाइनेंशियल सर्विसेज) केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। रियल एस्टेट और निवेश सलाहकार कंपनी कॉलियर्स (Colliers) की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत के तीन बड़े शहर मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु दुनिया के टॉप 30 वित्तीय सेवा बाजारों में शामिल हो गए हैं। यह उपलब्धि भारत की मजबूत प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और तेजी से बढ़ते कारोबारी माहौल को दर्शाती है।

कॉलियर्स की रिपोर्ट में भारत को मिली खास जगह

कॉलियर्स की रिपोर्ट ‘ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट्स: टॉप टैलेंट लोकेशंस 2026’ में बताया गया है कि भारत के बड़े शहरों में कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, निवेश गतिविधियों और वित्तीय क्षेत्र के बढ़ते कारोबार के कारण उनकी वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है। रिपोर्ट में मुंबई को वित्तीय सेवाओं के लिए प्रमुख ग्लोबल सेंटर (global talent hub) के रूप में स्थान दिया गया है। वहीं दिल्ली-एनसीआर को एक महत्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक सेंटर और बेंगलुरु को दुनिया के प्रमुख डोमेस्टिक एंड ऑपरेशनल सेंटर के रूप में मान्यता मिली है।

प्रतिभा और तकनीक बना रहे भारत को मजबूत

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक कॉलियर्स इंडिया के ऑफिस सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित मेहरोत्रा ने कहा कि भारत के पास बड़ी संख्या में कुशल पेशेवर, मजबूत तकनीकी विशेषज्ञता और बड़े स्तर पर काम करने की क्षमता है। यही कारण है कि भारत वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज वित्तीय कंपनियां केवल लागत कम करने पर ध्यान नहीं दे रही हैं, बल्कि वे ऐसे शहरों की तलाश कर रही हैं जहां प्रतिभाशाली कर्मचारी आसानी से मिल सकें और तकनीकी सुविधाएं भी बेहतर हों। इस मामले में भारतीय शहर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में प्रतिभाशाली कर्मचारियों की उपलब्धता के मामले में भारत सबसे आगे है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु इस क्षेत्र के सबसे मजबूत वित्तीय प्रतिभा बाजारों में शामिल हैं। श्रम शक्ति (लेबर इंडेक्स) के मामले में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। बेंगलुरु, मुंबई और पुणे ने एपीएसी क्षेत्र में क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है। यह दर्शाता है कि भारत के पास वित्तीय सेवाओं के लिए आवश्यक प्रशिक्षित और योग्य कर्मचारियों की बड़ी संख्या मौजूद है।

हैदराबाद, पुणे और चेन्नई भी उभरते केंद्र

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केवल मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु ही नहीं, बल्कि हैदराबाद, पुणे और चेन्नई भी वित्तीय सेवा कंपनियों के लिए तेजी से उभरते हुए केंद्र बन रहे हैं। ये शहर बैक-ऑफिस संचालन, साझा सेवाओं (शेयर्ड सर्विसेज) और विशेष कार्यों के लिए कंपनियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। कम लागत, बेहतर बुनियादी ढांचा और कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता के कारण इन शहरों में भी निवेश बढ़ रहा है।

ऑफिस बाजार में बढ़ेगी BFSI सेक्टर की हिस्सेदारी

कॉलियर्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) क्षेत्र भारत के ऑफिस बाजार में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वैश्विक और घरेलू वित्तीय कंपनियां लगातार नए कार्यालय स्थापित कर रही हैं और अपने संचालन का विस्तार कर रही हैं। अर्पित मेहरोत्रा के अनुसार, अगले कुछ वर्षों में ऑफिस स्पेस की कुल मांग में BFSI सेक्टर की हिस्सेदारी 15 से 20 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इससे देश के प्रमुख शहरों में वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र को भी बड़ा फायदा होगा।

डेटा आधारित रणनीतियों पर बढ़ रहा जोर

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर की वित्तीय कंपनियां अब कर्मचारियों और कार्यालयों से जुड़ी रणनीतियां तैयार करने के लिए डेटा और शोध आधारित फैसलों पर ज्यादा भरोसा कर रही हैं। कॉलियर्स एशिया पैसिफिक के मैनेजिंग डायरेक्टर माइक डेविस ने कहा कि बदलते कारोबारी माहौल में सही जानकारी और डेटा का उपयोग करने वाली कंपनियां प्रतिभाशाली कर्मचारियों को आकर्षित करने और विकास के नए अवसरों का लाभ उठाने में अधिक सफल होंगी।

कॉलियर्स की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत वैश्विक वित्तीय सेवा उद्योग के लिए एक प्रमुख प्रतिभा केंद्र बनकर उभर रहा है। मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु की बढ़ती वैश्विक पहचान के साथ-साथ हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे शहर भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मजबूत प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और लागत लाभ के कारण आने वाले वर्षों में भारत की भूमिका वैश्विक वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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