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भारत अमूर्त निवेश में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना, WIPO रिपोर्ट पर बोले पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने WIPO की 2026 रिपोर्ट पर कहा कि भारत अमूर्त निवेश में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। 2023 में निवेश 78.2 अरब डॉलर पहुंचा।

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भारत की बड़ी छलांग! सॉफ्टवेयर और इनोवेशन में निवेश ने दुनिया को चौंकाया (तस्वीर-ANI)

Photo : ANI

World Fastest Growing Economy : भारत ने नवाचार (Innovation) और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बताया कि भारत अब अमूर्त निवेश (Intangible Investment) के मामले में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने यह जानकारी वर्ल्ड इंटैन्जिबल इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट 2026 (WIPO Report 2026) का हवाला देते हुए दी। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत ने सॉफ्टवेयर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), बौद्धिक संपदा (Intellectual Property), इनोवेशन और संगठनात्मक क्षमताओं जैसे क्षेत्रों में तेजी से निवेश बढ़ाया है। यही निवेश भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

2023 में 78.2 अरब डॉलर तक पहुंचा अमूर्त निवेश

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिपोर्ट की मुख्य बातें शेयर करते हुए कहा कि भारत इनोवेशन आधारित विकास के अगले दौर को गति दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2023 में भारत का अमूर्त निवेश बढ़कर 78.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह दुनिया की 15 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि है। भारत में इस निवेश में 7.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो भौतिक निवेश (Tangible Investment) की तुलना में भी अधिक रही। यह दिखाता है कि भारत अब केवल फैक्ट्री और मशीनों पर ही नहीं, बल्कि ज्ञान, तकनीक और नई सोच पर भी तेजी से निवेश कर रहा है।

सॉफ्टवेयर और तकनीक पर सबसे ज्यादा फोकस

एएनआई के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के कुल अमूर्त निवेश का करीब 45 फीसदी हिस्सा सॉफ्टवेयर और डेटाबेस पर खर्च किया गया। यह अध्ययन में शामिल सभी देशों में सबसे अधिक हिस्सा है। इसके अलावा 21.8 फीसदी निवेश संगठनात्मक पूंजी (Organisational Capital) और 9.3 फीसदी निवेश ब्रांड निर्माण पर किया गया। इससे साफ है कि भारत की आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाओं की मजबूत स्थिति देश की आर्थिक प्रगति में बड़ी भूमिका निभा रही है। डिजिटल तकनीक और सॉफ्टवेयर के बढ़ते उपयोग ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

नीतिगत सुधार और डिजिटल बदलाव का असर

पीयूष गोयल ने कहा कि यह उपलब्धि सरकार द्वारा किए गए लगातार नीतिगत सुधारों, डिजिटल परिवर्तन और स्टार्टअप्स को दिए जा रहे प्रोत्साहन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसका असर अब वैश्विक रिपोर्टों में भी दिखाई देने लगा है। सरकार का फोकस डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नई तकनीकों को अपनाने पर रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है।

भारत बन रहा है वैश्विक इनोवेशन हब

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत तेजी से एक ज्ञान आधारित और तकनीक संचालित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। सॉफ्टवेयर, इनोवेशन और बौद्धिक संपदा जैसे क्षेत्रों में बढ़ता निवेश इस बदलाव का सबसे बड़ा संकेत है। भारत अब केवल उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था नहीं रह गया है, बल्कि नई तकनीक, रिसर्च और रचनात्मक विचारों पर आधारित विकास मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि भारत कई यूरोपीय देशों से भी अधिक अमूर्त निवेश करने वाले देशों में शामिल हो गया है।

युवा शक्ति और स्टार्टअप्स से मिलेगी नई उड़ान

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा, स्टार्टअप्स, उद्यमी और नवाचार करने वाले लोग हैं। देश के युवाओं की ऊर्जा और नए विचार भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और आने वाले वर्षों में भी ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के दम पर विकास की रफ्तार बनाए रखेगा। रिपोर्ट यह भी बताती है कि यदि इसी तरह सॉफ्टवेयर, रिसर्च, इनोवेशन और बौद्धिक संपदा में निवेश बढ़ता रहा, तो भारत भविष्य में वैश्विक नवाचार केंद्र (Global Innovation Hub) के रूप में और अधिक मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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