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Indane, Bharat और HP Gas उपभोक्ताओं के लिए 30 जून की डेडलाइन! तुरंत निपटा लें ये काम वरना रुक जाएगी सब्सिडी और सिलेंडर डिलीवरी

Indane, Bharat और HP Gas के उपभोक्ताओं के लिए 30 जून की अंतिम तारीख तय की गई है। इस तारीख से पहले अपने गैस कनेक्शन का Aadhaar e-KYC कराना अनिवार्य है, लापरवाही बरतने पर आपकी सरकारी सब्सिडी और सिलेंडर की डिलीवरी रुक सकती है।

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LPG Cylinder

अगर आपके घर में भी रसोई गैस (LPG) का कनेक्शन है, चाहे वह इंडेन (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) या एचपी गैस (HP Gas) का हो, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार और तेल कंपनियों ने सभी डोमेस्टिक गैस उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण डेडलाइन जारी की है। इसके तहत आगामी 30 जून 2026 से पहले सभी उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन का ई-केवाईसी (e-KYC) करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि कोई उपभोक्ता इस तय समयसीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया को पूरा नहीं करता है, तो उसे मिलने वाली सरकारी सब्सिडी (LPG Subsidy) रोकी जा सकती है। इतना ही नहीं, लापरवाही बरतने पर आपके अगले गैस सिलेंडर की डिलीवरी भी अटक सकती है या आपका कनेक्शन अस्थाई रूप से ब्लॉक किया जा सकता है।

क्यों अनिवार्य है LPG KYC?

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि सरकार ने अचानक एलपीजी कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) क्यों अनिवार्य किया है? दरअसल, इसका मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और फर्जी या अवैध गैस कनेक्शनों पर लगाम लगाना है। देश में आज भी ऐसे कई मामले सामने आते हैं जहां एक ही नाम पर कई कनेक्शन चल रहे हैं या लोग कमर्शियल जगहों पर डोमेस्टिक सिलेंडर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कदम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सब्सिडी का पैसा केवल उन्हीं वास्तविक और जरूरतमंद लाभार्थियों तक पहुंचे, जिनके नाम पर कनेक्शन है। जब आप अपनी पहचान को बायोमेट्रिक या डिजिटल माध्यम से प्रमाणित (Verify) करते हैं, तो आपका कनेक्शन पूरी तरह सुरक्षित और वैध हो जाता है।

क्या है e-KYC का प्रोसेस?

अब बात करते हैं कि इस प्रक्रिया को पूरा करने की आखिरी तारीख क्या है और इसे न करने पर क्या नुकसान होगा? जैसा कि दिशा-निर्देशों में साफ किया गया है, इसकी अंतिम तारीख 30 जून 2026 तय की गई है। यदि आप इस तारीख तक अपनी औपचारिकताएं पूरी नहीं करते हैं, तो सबसे पहला झटका आपकी जेब को लगेगा। आपके बैंक खाते में आने वाली सब्सिडी बंद हो जाएगी और आपको सिलेंडर पूरी कीमत पर खरीदना होगा। इसके अलावा, तेल कंपनियां आपके कनेक्शन को निष्क्रिय (Inactive) कर सकती हैं, जिससे आप नया सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। इसलिए, किसी भी अंतिम समय की भागदौड़ या परेशानी से बचने के लिए इसे समय रहते पूरा कर लेना ही समझदारी है।

2 तरीकों से कर सकते हैं काम

गैस उपभोक्ताओं के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि इस काम को पूरा करना बेहद आसान है और इसके लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। आप इसे दो तरीकों से कर सकते हैं पहला ऑफलाइन और दूसरा ऑनलाइन। अगर आप ऑफलाइन तरीका चुनते हैं, तो आपको बस अपनी गैस एजेंसी (Distributor) के दफ्तर जाना होगा। वहां आपको अपना गैस कंज्यूमर नंबर, पहचान पत्र और अपनी पासबुक की फोटोकॉपी ले जानी होगी। एजेंसी वाले एक फॉर्म भरकर आपकी उंगलियों के निशान (Biometric Fingerprint Scan) लेंगे और कुछ ही मिनटों में आपका काम हो जाएगा। यह तरीका उन बुजुर्गों या लोगों के लिए सबसे अच्छा है जो ऑनलाइन तकनीक से ज्यादा वाकिफ नहीं हैं।

जो लोग घर बैठे इस काम को निपटाना चाहते हैं, उनके लिए कंपनियों ने मोबाइल ऐप्स के जरिए ऑनलाइन सुविधा भी दी है। उदाहरण के लिए, इंडेन के ग्राहक 'IndianOil One' ऐप, एचपी के ग्राहक 'HP Pay' ऐप और भारत गैस के ग्राहक 'Hello BPCL' ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा प्ले स्टोर से 'Aadhaar FaceRD' ऐप भी डाउनलोड करना होगा। इन ऐप्स में लॉगिन करने के बाद आपको 'Link Aadhaar' या 'e-KYC' का विकल्प दिखाई देगा। वहां अपना विवरण दर्ज करने के बाद मोबाइल के फ्रंट कैमरे से अपना चेहरा स्कैन (Face Authentication) करना होता है। चेहरा मैच होते ही आपकी डिजिटल प्रक्रिया तुरंत पूरी हो जाती है और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर इसका कंफर्मेशन मैसेज आ जाता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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