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Indane, HP, Bharat Gas LPG के 7 नए नियम! एक गलती से ब्लॉक हो जाएगा आपका LPG सिलेंडर!

अगर आपके पास Indane, HP, Bharat Gas LPG सिलेंडर हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। एलपीजी को लेकर की गई एक छोटी सी भी गलती आप पर भारी पड़ सकती है।

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LPG Cylinder

भारत में एलपीजी (LPG) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस से जुड़े नियम अब पहले से कहीं ज्यादा कड़े हो चुके हैं। सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने, सब्सिडी के सही वितरण और सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए कई बड़े बदलाव लागू किए हैं। अगर आप इंडेन (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) या एचपी गैस (HP Gas) के ग्राहक हैं, तो आपके लिए इन नए दिशा-निर्देशों को जानना बेहद जरूरी है। इन कड़े नियमों के तहत उपभोक्ताओं की एक छोटी सी लापरवाही या गलती उनके गैस कनेक्शन को हमेशा के लिए ब्लॉक करवा सकती है, जिससे आने वाले समय में आपको रिफिल बुकिंग करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

इन बदलावों में सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का है। सरकार ने सभी सक्रिय एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अपने गैस कनेक्शन को आधार कार्ड से सत्यापित करना अनिवार्य कर दिया है। अगर आपने अभी तक अपने गैस वितरक (Distributor) के पास जाकर या उनके मोबाइल ऐप के जरिए अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है, तो आपकी अगली गैस सिलेंडर बुकिंग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कंपनियां ऐसे बिना केवाईसी वाले अकाउंट्स को सस्पेक्टेड (संदिग्ध) मानकर उनके कनेक्शन को तुरंत प्रभाव से ब्लॉक या सस्पेंड कर रही हैं, जिससे आपकी गैस सप्लाई पूरी तरह रुक सकती है।

7 गलतियां जो पड़ेंगी भारी

1. ई-केवाईसी (e-KYC) न करवाना: अगर आपने अभी तक अपने गैस वितरक (Distributor) या मोबाइल ऐप के जरिए आधार आधारित ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है, तो आपका कनेक्शन संदिग्ध मानकर ब्लॉक कर दिया जाएगा।

2. दोहरे कनेक्शन (PNG + LPG) का इस्तेमाल: अगर आपके घर में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का एक्टिव कनेक्शन है और आप साथ में एलपीजी सिलेंडर भी रख रहे हैं, तो यह पूरी तरह प्रतिबंधित है।

3. एलपीजी सिलेंडर सरेंडर न करना: पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद अपना एलपीजी गैस सिलेंडर और रेगुलेटर नजदीकी डीलर के पास जमा (सरेंडर) न करना और सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस न लेना एक बड़ी गलती है।

4. लॉक-इन पीरियड से पहले एडवांस बुकिंग की कोशिश (शहरी क्षेत्र): शहरी इलाकों में एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगले 25 दिनों के भीतर दोबारा एडवांस या दूसरी बुकिंग करने की कोशिश करना नियमों के खिलाफ है।

5. लॉक-इन पीरियड का उल्लंघन (ग्रामीण क्षेत्र): ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए दो गैस बुकिंग के बीच कम से कम 45 दिनों का अंतर होना अनिवार्य है, इससे पहले बुकिंग का प्रयास करने पर रोक है।

6. डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC/OTP) न देना: सिलेंडर की डिलीवरी के समय आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी (OTP) डिलीवरी बॉय को न देना। इसके बिना आपकी बुकिंग सिस्टम में पेंडिंग रहेगी और सप्लाई रुक सकती है।

7. बिना वेरिफिकेशन के सिलेंडर रिसीव करना: बिना सही ऑथेंटिकेशन और नियमों का पालन किए अवैध तरीके से या ब्लैक में गैस सिलेंडर लेने की कोशिश करना, जिससे आपका कनेक्शन हमेशा के लिए रद्द हो सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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