देश में ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) एयर कंडीशनर (AC) के लिए डिफॉल्ट तापमान को 20 से 28 डिग्री सेल्सियस के दायरे में मानकीकृत करने की योजना बना रहा है। विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला बीईई ऊर्जा-कुशल तकनीकों और उपकरणों को प्रोत्साहन देने वाला प्रमुख संस्थान है। बीईई के एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि इस विषय पर अब भी विचार-विमर्श चल रहा है और तापमान की सटीक सीमा या इस नीति को लागू करने की समय-सीमा को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
राज्यों और विनिर्माताओं से हो रही बातचीत
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार इस पहल को लेकर एसी निर्माता कंपनियों और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ चर्चा कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वाहनों में लगे एसी के लिए भी तापमान मानकीकरण लागू होगा, तो उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर वाहन निर्माताओं से बातचीत चल रही है।
ऊर्जा बचत की दिशा में बड़ा कदम
बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने जानकारी दी कि तापमान का मानकीकरण करने का उद्देश्य ऊर्जा दक्षता को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा, "अगर एसी के तापमान को सिर्फ एक डिग्री बढ़ा दिया जाए, तो इससे लगभग 6% तक बिजली की बचत हो सकती है।" उन्होंने यह भी कहा कि देश में करोड़ों एयर कंडीशनर पहले से मौजूद हैं और हर साल लाखों नए एसी जोड़े जाते हैं, ऐसे में इस पहल से ऊर्जा की बड़ी मात्रा में बचत संभव है।
गर्मी के बीच बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देश की बिजली मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। हाल ही में 9 जून को भारत की कुल बिजली मांग 241 गीगावाट तक पहुंच गई थी।
