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मिलेगा गलती सुधारने का मौका
ITR-U आपको अपने पिछले ITR में गलतियों और चूक को सुधारने की सुविधा देता है। यदि आप पिछले AY (एसेसमेंट ईयर) में ITR फाइल करना भूल गए हैं, तो आप अपनी टैक्स जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए ITR-U का उपयोग कर सकते हैं।
इतना ही नहीं वित्त अधिनियम, 2025 के अनुसार, आईटीआर फाइल करने की समय सीमा 48 महीने (4 वर्ष) तक बढ़ा दी गई है।
पर देना होगा अतिरिक्त टैक्स
ध्यान रहे कि यदि आप लेट आईटीआर फाइल करते हैं तो आपको अतिरिक्त टैक्स भी भरना होगा। तीसरे साल में आईटीआर फाइल करने पर 60% का अतिरिक्त इनकम टैक्स लगेगा। वहीं चौथे साल में 70% का अतिरिक्त इनकम टैक्स लगेगा।
ये हैं बाकी तीन बड़े बदलाव
धारा 139(8ए) में बदलाव : यदि धारा 148ए (कारण बताओ नोटिस) के तहत नोटिस प्रासंगिक एसेसमेंट ईयर की समाप्ति से 36 महीने बाद जारी किया जाता है, तो कोई आईटीआर-यू फाइल नहीं किया जा सकता है। हालांकि, यदि धारा 148ए(3) के तहत आदेश में बाद में कहा जाए कि यह धारा 148 के तहत नोटिस के लिए वैध मामला नहीं है, तो भी संबंधित एसेसमेंट ईयर की समाप्ति से 48 महीने के अंदर आईटीआर-यू फाइल किया जा सकता है।
धारा 140बी में बदलाव : इस सेक्शन को अधिक समय के लिए दिए जाने वाले अतिरिक्त इनकम टैक्स को निर्धारित करने के लिए अपडेट किया गया है।
नियम 12एसी में बदला : इन बदलावों को बताने के लिए इस नियम को अपडेट किया गया है।
सभी सातों फॉर्म किए गए नोटिफाई
आयकर विभाग ने अब एसेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए सभी सात आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म अधिसूचित कर दिए हैं। हालाँकि अभी तक आईटीआर फाइलिंग को इनेबल/सक्षण नहीं किया गया है।
बता दें कि ज्यादातर व्यक्तिगत करदाताओं (Individual Taxpayers) को 31 जुलाई, 2025 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा।
वहीं कंपनियों और ऑडिट की ज़रूरत वाले टैक्सपेयर्स समेत विभिन्न कैटेगरियों के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग समय डेडलाइन हैं।
