ITR Filing 2025 Last Date : इनकम टैक्स विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख को 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया है। यह फैसला उन टैक्सपेयर्स के लिए है जिन्हें अपने अकाउंट्स का ऑडिट करवाने की जरुरत नहीं होती, जैसे कि व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और कुछ संस्थाएं।
ITR Filing Last Date: क्यों बढ़ाई गई आखिरी तारीख?
CBDT (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) ने बताया कि ITR फॉर्म में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों और ई-फाइलिंग प्रणाली को अपडेट करने की प्रक्रिया के कारण यह फैसला लिया गया है। इस बार ITR फॉर्म अपेक्षाकृत देर से अधिसूचित किए गए। अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में, जबकि सामान्यतः इन्हें फरवरी/मार्च तक अधिसूचित कर दिया जाता है।
ITR Filing Last Date: वित्त अधिनियम और नई संरचनाएं बनीं कारण
फॉर्म में किए गए बदलाव वित्त अधिनियम 2024 के अनुरूप हैं। इनमें दावा की जा रही टैक्स कटौतियों और अन्य जानकारियों की रिपोर्टिंग से संबंधित डिटेल्स को और अधिक विस्तृत और पारदर्शी बनाया गया है। इसके अलावा, पूंजीगत लाभ, विदेशी आय और संपत्ति से संबंधित जानकारियों के लिए भी अब अधिक खुलासे की जरुरत होगी।
ITR Filing Last Date: टैक्सपेयर्स के लिए यह निर्णय क्यों राहतपूर्ण?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बदलाव करदाताओं के लिए सकारात्मक और राहत भरा है। विवेक जालान, टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज एलएलपी का कहना है कि हर साल 31 जुलाई की समयसीमा तनावपूर्ण होती है। ITR फॉर्म देर से आते हैं और TDS/ TCS क्रेडिट जून के मध्य तक अपडेट होता है। टैक्सपेयर्स के पास रिटर्न भरने का समय बहुत कम रह जाता है।
सोनू अय्यर, ईवाई इंडिया का कहना है कि नई रिपोर्टिंग जरूरतों के कारण सरकार को ई-फाइलिंग सिस्टम को अपडेट करना पड़ा। इसलिए, समयसीमा बढ़ाना एक जरूरी और स्वागत योग्य कदम है। संदीप सहगल, AKM Global का कहना है कि संशोधित फॉर्म में जानकारी का दायरा बढ़ा है, जिससे रिपोर्टिंग जटिल हो गई है। इसलिए टैक्सपेयर्स को समय देने की जरूरत थी।
इस वर्ष के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 करना एक रणनीतिक और व्यावहारिक निर्णय है, जिससे करदाताओं को न केवल रिपोर्टिंग के नए मानदंडों को समझने का समय मिलेगा, बल्कि वे सही और सटीक तरीके से रिटर्न दाखिल कर पाएंगे।
