New Tax Regime: वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की लास्ट डेट करीब आ रही है। उससे पहले 23 जुलाई को बजट पेश किया जाना है। बजट में टैक्स स्लैब में बदलाव से जुड़े ऐलान किए जा सकते हैं। बहरहाल अगर आपने अभी तक ये तय नहीं किया कि आप पुरानी टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना चाहते हैं या नई टैक्स रिजीम, तो इस काम को फटाफट निपटाएं। उसके बाद जल्द से जल्द आईटीआर फाइल करें। ध्यान रहे कि यदि आपने कोई टैक्स रिजीम नहीं चुनी तो डिफॉल्ट ऑप्शन के हिसाब से नई टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना होगा। आगे जानिए नई टैक्स रिजीम के तहत टैक्स स्लैब कितनी और कौन-कौन सी हैं।
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वित्त वर्ष 2024-25 के लिए नई टैक्स व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स स्लैब
| इनकम का दायरा (रुपए में) | टैक्स रेट |
| 300,000 तक | जीरो |
| 300001 से 600000 तक | 5% |
| 600001 से 900000 तक | 10% |
| 900001 से 1200000 तक | 15% |
| 1200001 से 1500000 तक | 20% |
| 1,500,000 से अधिक | 30% |
नई टैक्स रिजीम के तहत कितनी आय पर लगेगा टैक्स
नई टैक्स रिजीम के तहत अगर टैक्सेबल इनकम 7 लाख रुपए से कम है तो कोई टैक्स लागू नहीं होगा, सैलरी टैक्सपेयर्स के लिए 50,000 रुपए की स्टैंडर्ड कटौती का प्रावधान है। इसका मतलब है कि 7.5 लाख रुपए तक की टैक्स योग्य आय वाले व्यक्तियों को टैक्स सेविंग स्कीम में निवेश करने की बाध्यता के बिना जीरो टैक्स भुगतान करना होगा। यानी टैक्स नहीं लगेगा।
