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बदल गए Income Tax Return फाइलिंग के फॉर्म, अब TDS बचाने के लिए नोट कर लें नया नंबर

इनकम टैक्स (Income Tax) की वेबसाइट पर 1 अप्रैल 2026 से एक बड़ा 'डिजिटल बदलाव' होने जा रहा है। आयकर अधिनियम 2025 के तहत पैन (PAN), टैन (TAN) और टीडीएस (TDS) से जुड़े फॉर्म्स में कई बदलाव हुए हैं।

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Income Tax

अगर आप भी इनकम टैक्स (Income Tax) फाइल करने की तैयारी में हैं लेकिन पोर्टल पर दिख रहे बदलावों से अनजान हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। पहले आप बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य निवेश पर TDS (Tax Deducted at Source) कटने से बचाने के लिए अब तक फॉर्म 15G या 15H का इस्तेमाल करते आए हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 अप्रैल 2026 से आयकर विभाग ने नियमों में बड़ा फेरबदल करते हुए टीडीएस क्लेम करने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। सरकार ने अब पुराने फॉर्म 15G और 15H को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है और उनकी जगह एक नया, एकीकृत (Consolidated) फॉर्म पेश किया है, जिसे 'Form 121' नाम दिया गया है। यह बदलाव टैक्स फाइलिंग को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।

क्या है नया Form 121 और किसे है इसकी जरूरत?

आयकर नियमों के तहत, अगर आपकी वार्षिक आय एक निश्चित सीमा से कम है और आप अपनी कमाई पर कटने वाले टीडीएस (TDS) से राहत पाना चाहते हैं, तो आपको 'जीरो टीडीएस' क्लेम करना होता है। पहले इसके लिए अलग-अलग उम्र के लोगों को अलग-अलग फॉर्म भरने पड़ते थे 60 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए फॉर्म 15G और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए फॉर्म 15H। लेकिन अब सरकार ने इन दोनों को खत्म कर एक ही 'Form 121' पेश कर दिया है। यह नया फॉर्म अब सीनियर और नॉन-सीनियर, दोनों श्रेणियों के करदाताओं के लिए एकमात्र विकल्प है।

कौन कर सकता है इसका इस्तेमाल?

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि नया Form 121 केवल 'भारत के निवासी' (Resident Indians) करदाताओं के लिए ही उपलब्ध है। जो लोग अनिवासी भारतीय (NRI) हैं, वे इस फॉर्म का उपयोग नहीं कर सकते। अगर आप भारत में रहते हैं और आपकी आय आयकर की बेसिक छूट सीमा से कम है, तो आप इस फॉर्म को भरकर अपने बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों को दे सकते हैं, ताकि वे आपके ब्याज या अन्य आय पर टीडीएस न काटें।

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नया फॉर्म भरते समय आय की सीमाओं को समझना बहुत जरूरी है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियम काफी उदार हैं। अगर उनकी कुल आय पर कोई टैक्स नहीं बनता है, तो वे इसे आसानी से भर सकते हैं। उदाहरण के लिए, नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत, यदि किसी सीनियर सिटीजन की आय 12 लाख रुपये तक है, या पेंशन के साथ 12.75 लाख रुपये तक है, तो वे टीडीएस से बचने के लिए इस फॉर्म का सहारा ले सकते हैं।

वहीं, नॉन-सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से कम उम्र के लोग) के लिए नियम उनकी चुनी हुई टैक्स रिजीम पर निर्भर करेंगे। नई टैक्स रिजीम के तहत बेसिक छूट की सीमा 4 लाख रुपये है, जबकि पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के तहत यह सीमा 2.5 लाख रुपये है। यदि आपकी कुल वार्षिक आय इन सीमाओं के दायरे में है, तो आप Form 121 का उपयोग करके अपना टीडीएस शून्य करा सकते हैं।

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Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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