Income Tax Department Sending Notice For Moonlighting:मूनलाइटिंग करने वाले प्रोफेशनल्स इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट के निशाने पर हैं। डिपॉर्टमेंट ने इसके तहत करीब 1100 लोगों को टैक्स नोटिस भेजा है। जिन्होंने अपनी रेग्युलर इनकम के अलावा दूसरी तरीकों से की गई इनकम को छुपाया है। और उन्होंने कुल इनकम के अनुसार कम इनकम टैक्स चुकाया है। मूनलाइटिंग के तहत इनकम टैक्स नोटिस पाने वालों में ज्यादा आईटी, अकाउंटिंग और मैनेजमेंट फील्ड से जुड़े प्रोफेशनल हैं। इसके तहत डिपॉर्टमेंट ने अभी ऐसे लोगों को नोटिस भेजा है, जिन्होंने अपने 5 से 10 लाख रुपये तक की इनकम छुपाई है।
ऐसे पकड़ रहा है चोरी
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने साल 2019-2021 की अवधि के दौरान ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने अपनी इनकम छुपाई है। ज्यादातर लोगों ने आईटीआर में केवल सैलरी इनकम या रेग्युलर इनकम का जिक्र किया है। लेकिन जिन लोगों ने दूसरे स्रोतों से कमाई की है, और उसे छुपा कर रखा है, उन लोगों की इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट पहचान कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सबसे बड़ा हथियार बना रहा है। ज्यादातर लोगों की कमाई का ट्रांजैक्शन ऑनलाइन हुआ है। अब इसमें चाहे विदेश से होने वाली कमाई हो या फिर देश से होने वाली कमाई हो। ऐसे में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के आधार पर इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट टैक्स से बचने वालों की पहचान कर रहा है। इसके अलावा विभाग ने ऐसे कई प्रोफेशनल्स की पहचान की है, जिन्होंने एक से ज्यादा कंपनियों से रेग्युलर इनकम की है।
कंपनियां खुद दे रही हैं PAN डिटेल
इस संबंध में इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट की मदद कंपनियां भी कर रही है। जिसमें उन्हें शक है कि उनके कर्मचारी मूनलाइटिंग में शामिल हैं। ऐसे में कंपनियां अपने कर्मचारियों के पैन नंबर खुद इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को मुहैया करा रही है। रिपोर्ट के अनुसार आईटी डिपॉर्टमेंट ऐसे लोगों की भी पड़ताल कर रहा है जिन्होंने कैश में अतिरिक्त कमाई की है। उन्हें भी जल्द नोटिस भेजा जा सकता है।
